नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच सोमवार से शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं और वह नहीं चाहते कि संघर्ष आगे बढ़े, क्योंकि युद्ध में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है. हालांकि, ईरान की ओर से इस संभावित वार्ता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की प्रक्रिया सोमवार दोपहर से शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा कि वह कूटनीतिक समाधान चाहते हैं और उनका उद्देश्य लोगों की जान बचाना है. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह किसी को मारना नहीं चाहते और उम्मीद करते हैं कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी.
#WATCH | On his decision to halt strikes on Iran, US President Donald Trump says, "This is asked by Saudi Arabia, UAE, Qatar and Iran. We're all set to go... It would have been a massive attack. But when the allies ask to throw it off, you got to start saying, let's see. And the… pic.twitter.com/76nk9DUXmB
— ANI (@ANI) August 2, 2026
इसी दौरान ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका ने ईरान पर एक और बड़े सैन्य हमले की योजना बनाई थी. लेकिन कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों के नेताओं के अनुरोध पर उन्होंने इस कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया. ट्रंप के अनुसार, इन देशों ने सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत को मौका देने की सलाह दी थी.
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से भी इस मुद्दे पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि उन्होंने क्राउन प्रिंस से पूछा कि क्या सैन्य कार्रवाई की जाए या फिर कूटनीति को आगे बढ़ाया जाए. इसके बाद बातचीत के रास्ते को प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया.
#WATCH | On his decision to halt strikes on Iran, US President Donald Trump says, "...I'm not looking to kill people because people die... we don't want that... I asked Saudi Arabia's king and crown prince. I said, would you rather have us do this or not? They said, we would much… pic.twitter.com/Ef39zgixlH
— ANI (@ANI) August 2, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि संभावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सामान्य रूप से खोला जा सकता है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. इसके अलावा, समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी अमेरिकी चिंताओं का समाधान भी शामिल हो सकता है.
वहीं दूसरी ओर ईरान ने अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के संकेत नहीं दिए हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं होगी. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर ओमान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल इसे पूरी तरह खोलने पर कोई चर्चा नहीं हो रही है.
गौरतलब है कि हाल के महीनों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई जहाजों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं. ऐसे में यदि अमेरिका और ईरान के बीच वास्तव में शांति वार्ता शुरू होती है, तो इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ सकती है. हालांकि, वार्ता की सफलता दोनों देशों की सहमति और आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी.