नई दिल्ली: अमेरिका के ओरेगन राज्य के 13 वर्षीय छात्र रॉय किम ने ऐसा उपकरण विकसित किया है, जो हवा में मौजूद नमी को पानी में बदल सकता है. उनका उद्देश्य सूखे की समस्या से जूझ रहे किसानों को सिंचाई के लिए एक वैकल्पिक और टिकाऊ जल स्रोत उपलब्ध कराना है. यह नवाचार खेती में पानी की बढ़ती कमी से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.
रॉय किम के अनुसार उनका उपकरण पेल्टियर मॉड्यूल तकनीक पर आधारित है. जब इस मॉड्यूल में बिजली प्रवाहित की जाती है, तो इसका एक हिस्सा गर्म और दूसरा हिस्सा ठंडा हो जाता है. गर्म हवा ठंडी सतह से टकराने पर उसमें मौजूद जलवाष्प संघनित होकर पानी की बूंदों में बदल जाती है. यह पानी एक फनल के जरिए एकत्र होता है और फिर वाल्व की सहायता से पौधों तक पहुंचाया जाता है.
उपकरण में मिट्टी की नमी मापने वाला सेंसर लगाया गया है, जो यह तय करता है कि पौधों को कब पानी की जरूरत है. इसके अलावा तापमान और आर्द्रता मापने वाले सेंसर भी लगाए गए हैं. यदि मौसम की स्थिति बदलती है, तो सिस्टम स्वतः हवा के प्रवाह को समायोजित कर पानी बनाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाए रखता है.
रॉय किम ने कई परीक्षणों और सुधारों के बाद अपने उपकरण का अंतिम डिजाइन तैयार किया. परीक्षण के दौरान यह उपकरण दो घंटे में लगभग 10 मिलीलीटर पानी बनाने में सफल रहा. इसकी अधिकतम दक्षता 135.8 ग्राम प्रति किलोवाट घंटा दर्ज की गई. उनका कहना है कि इस परियोजना के जरिए उन्होंने प्राकृतिक प्रक्रिया और इंजीनियरिंग को जोड़कर खेती के लिए एक टिकाऊ समाधान विकसित करने की कोशिश की है.
रॉय किम ओरेगन के व्हिटफोर्ड मिडिल स्कूल के छात्र हैं और उन्होंने अपने इस आविष्कार को अमेरिका की प्रतिष्ठित 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज प्रतियोगिता में प्रस्तुत किया है. यह प्रतियोगिता कक्षा 5 से 8 तक के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है. रॉय फिलहाल प्रतियोगिता के शीर्ष 10 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट में शामिल हैं. इस प्रतियोगिता का फाइनल और विजेता की घोषणा 12 और 13 अक्टूबर 2026 को होगी.