ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के छह दिवसीय अंतिम संस्कार की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर मध्य पूर्व की राजनीति सुर्खियों में आ गई है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान को बुरी तरह प्रभावित किया है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में लाखों लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. दूसरी ओर, सुरक्षा कारणों से खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के समारोह में शामिल नहीं होने की खबर ने भी चर्चा तेज कर दी है.
माउंट रशमोर के पास आयोजित एक कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को "पूरी तरह हिला दिया" और अंतिम संस्कार के लिए उसे एक सप्ताह का समय दिया. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान समझौता करने का इच्छुक है. यह बयान ईरान-अमेरिका संबंधों को लेकर नई बहस का कारण बन गया है.
अली खामेनेई का अंतिम संस्कार छह दिनों तक चलेगा. समारोह की शुरुआत 4 जुलाई से हुई है. इसके तहत 7 जुलाई को क़ोम में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है.
रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे. बताया गया है कि संभावित सुरक्षा खतरे और निगरानी को देखते हुए उनकी मौजूदगी जोखिम भरी मानी गई है.
तेहरान सहित कई शहरों में खामेनेई की तस्वीरों वाले बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं. अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है. राजधानी तेहरान में कुछ लोगों ने अमेरिका विरोधी संदेश वाले बैनर भी प्रदर्शित किए, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील नजर आया.
अंतिम संस्कार समारोह में अली खामेनेई के ताबूत के साथ उनके परिवार के अन्य मृत सदस्यों के ताबूत भी रखे गए. इनमें उनकी 14 महीने की पोती का शव भी शामिल बताया गया है, जिसकी मौत भी अमेरिका-इजरायल हमलों के दौरान हुई थी. पूरे समारोह पर दुनिया की नजर बनी हुई है.