नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर शुक्रवार को तेहरान में लाखों लोगों ने भावुक विदाई दी. उनके शव को इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे में लपेटकर ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स में रखा गया. उनके सिर पर काली पगड़ी रखी गई थी. उनके साथ उनके कुछ परिवार सदस्यों के शव भी रखे गए.
इनके साथ खामेनेई की 14 महीने की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी का छोटा-सा शव भी शामिल था. खामेनेई की पोती की भी 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमलों में उनके साथ मौत हो गई थी. शुक्रवार को उनके छोटे शव को भी राष्ट्रीय झंडे में लपेटकर रखा गया और उनकी तस्वीर लगाई गई.
Un cadre du cercueil de la martyre Zahra Mohammadi Golpayegani, #petite-fille du Guide suprême martyr de la Révolution islamique, à la Mosalla de #Téhéran.#بدرقه_آقای_شهید_ایران#باید_برخاست#NousDevonsNousSoulever#MartyrKhamenei pic.twitter.com/8JemW4zW4A
— Iran en France (@IRANinFRANCE) July 3, 2026Also Read
बता दें कि खामेनेई का शव शुक्रवार को तेहरान पहुंचा. यहां 6 दिनों तक सार्वजनिक विदाई समारोह आयोजित किए जाएंगे. समारोह ईरान और इराक के कई शहरों में होंगे. शुक्रवार शाम से ही हजारों समर्थक मोसल्ला के बाहर इंतजार कर रहे थे. शनिवार सुबह गेट खुलते ही हजारों लोग अंदर दाखिल हुए. लोग लाल झंडे लेकर “अमेरिका मुर्दाबाद” और “बदला, बदला” के नारे लगा रहे थे.
एक व्यक्ति ने कहा, “मैं अपने प्रिय नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने आया हूं. मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि मैं यह दिन देखूंगा. काश मैं इस त्रासदी से पहले मर जाता.”