नई दिल्ली: ईरान में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है. राजधानी तेहरान में उनके अंतिम दर्शन और विदाई समारोह के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला. इस दौरान ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी खुद को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े.
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, तेहरान में इस बड़े आयोजन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने साफ कहा है कि लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. लोगों को सुबह 6 बजे के बाद ही कार्यक्रम स्थल पर आने की अनुमति दी गई, जिससे व्यवस्था सही बनी रहे.
Mohammad Bagher Ghalibaf cries during the farewell ceremony of Ali Khamenei. pic.twitter.com/i4DC5OgM2y
— Raz Zimmt (@RZimmt) July 3, 2026Also Read
इस अंतिम यात्रा का असर सिर्फ ईरान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इराक की राजधानी बगदाद में भी इस मौके पर बंद का ऐलान किया गया. यह दिखाता है कि इस नेता का प्रभाव कई देशों तक फैला हुआ था. इस समारोह में दुनिया भर के कई बड़े नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए. भारत की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल ने पहुंचकर श्रद्धांजलि दी. इसके अलावा रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, आर्मेनिया और कई अन्य देशों के शीर्ष नेता भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्यक्रम में करीब 15 से 20 मिलियन (डेढ़ से दो करोड़) लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है, जो इसे हाल के समय का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन बना देता है. ईरान सरकार ने बताया कि यह अंतिम संस्कार कई दिनों तक चलेगा. पहले तेहरान में श्रद्धांजलि दी जाएगी, इसके बाद जुलूस निकाला जाएगा और फिर अलग-अलग शहरों में धार्मिक रस्में पूरी की जाएंगी. अंत में उनका अंतिम संस्कार मशहद शहर में किया जाएगा.
इस पूरे आयोजन ने यह दिखा दिया कि अयातुल्ला खामेनेई सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए थे. उनकी विदाई में उमड़ी भीड़ और दुनिया भर के नेताओं की मौजूदगी ने इस पल को ऐतिहासिक बना दिया.