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India Daily

पीएम मोदी की राज्यमंत्री के साथ 3 घंटे तक चली बैठक, विकसित भारत 2047 समेत इन मुद्दों पर हुआ मंथन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 से अधिक राज्यमंत्रियों के साथ तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की. इस दौरान मंत्रालयों की प्रगति, नई योजनाओं, गरीब कल्याण और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर चर्चा हुई.

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Edited By: Shanu Sharma
पीएम मोदी की राज्यमंत्री के साथ 3 घंटे तक चली बैठक, विकसित भारत 2047 समेत इन मुद्दों पर हुआ मंथन
Courtesy: ANI

प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई इस बैठक में स्वतंत्र प्रभार और अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे 12 से अधिक राज्यमंत्री शामिल हुए. बैठक के दौरान मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति की जानकारी प्रधानमंत्री को दी. उन्होंने अब तक किए गए सुधारों, नई पहलों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी भी साझा की.

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं को केवल तैयार करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका लाभ तेजी से लोगों तक पहुंचाया जाए.

गुणवत्ता से समझौता नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि योजनाओं और परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए. साथ ही काम की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए. प्रधानमंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक सीधे पहुंचे. गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लेकर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया.

जनता से सीधे जुड़ाव पर भी हुई चर्चा

बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से जनता के साथ उनके सीधे संपर्क को लेकर भी जानकारी ली. उन्होंने मंत्रालयों की लोगों तक पहुंच और सामाजिक माध्यमों के जरिए जनता से संवाद के बारे में सवाल किए. पीएम ने यह संकेत दिया कि मंत्रालयों को केवल प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों की जरूरतों और उनकी समस्याओं से लगातार जुड़कर काम करना चाहिए. बैठक का एक महत्वपूर्ण मुद्दा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य रहा. प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से उनके मंत्रालय के भविष्य के दृष्टिकोण और दीर्घकालीन योजनाओं के बारे में जानकारी ली.

पहली बार इस स्तर पर हुई बैठक

सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की यह पहली बैठक थी, जिसमें कैबिनेट मंत्री और शीर्ष अधिकारी शामिल नहीं हुए. इसमें कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े राज्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया. यह बैठक सभी विभागों के सचिवों और सशक्त समूहों के साथ हुई बैठकों के बाद हुई है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री आने वाले समय में अन्य मंत्रालयों के राज्यमंत्रियों के साथ भी इसी तरह की बैठक कर सकते हैं.