नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विमान एयर फोर्स वन मंगलवार शाम को स्विट्जरलैंड के लिए उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद जॉइंट बेस एंड्रयूज लौट आया. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि लौटने का फैसला टेकऑफ के बाद लिया गया, जब एयर फोर्स वन में मौजूद क्रू ने 'एक छोटी सी इलेक्ट्रिकल समस्या' की पहचान की और, सावधानी बरतते हुए, वापस लौटने का फैसला किया.
विमान में मौजूद एक रिपोर्टर ने बताया कि टेकऑफ के बाद विमान के प्रेस केबिन की लाइटें कुछ देर के लिए बंद हो गईं, लेकिन तुरंत कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. उड़ान के लगभग आधे घंटे बाद, रिपोर्टर्स को बताया गया कि विमान वापस लौट रहा है.
ट्रंप ने एक दूसरे विमान एयर फोर्स C-32, जो एक मॉडिफाइड बोइंग 757 है और आमतौर पर राष्ट्रपति छोटे एयरपोर्ट पर घरेलू यात्राओं के लिए इस्तेमाल करते हैं, उसमें सवार हुए और आधी रात के तुरंत बाद दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए अपनी यात्रा जारी रखी.
दोनों विमान लगभग चार दशकों से उड़ान भर रहे हैं. बोइंग रिप्लेसमेंट पर काम कर रहा है लेकिन इस प्रोग्राम में कई बार देरी हुई है. ये विमान राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए कई तरह की आपात स्थितियों के लिए भारी मात्रा में मॉडिफाई किए गए हैं. जिसमें रेडिएशन शील्डिंग और एंटी-मिसाइल टेक्नोलॉजी शामिल है.
इनमें कई तरह के कम्युनिकेशन सिस्टम भी हैं ताकि राष्ट्रपति दुनिया में कहीं से भी सेना के संपर्क में रह सकें और आदेश दे सकें.पिछले साल, कतर के शाही परिवार ने ट्रंप को एयर फोर्स वन फ्लीट में शामिल करने के लिए एक लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट गिफ्ट किया था, जिस पर काफी जांच-पड़ताल हुई थी.
उस विमान को अभी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए रेट्रोफिट किया जा रहा है. लेविट ने मंगलवार रात एयर फोर्स वन में रिपोर्टर्स से मजाक में कहा कि कतर का जेट अभी 'काफी बेहतर' लग रहा है.
पिछले फरवरी में, विदेश मंत्री मार्को रुबियो को जर्मनी ले जा रहे एक एयर फोर्स विमान को एक मैकेनिकल समस्या के कारण वाशिंगटन लौटना पड़ा था. अक्टूबर में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को ले जा रहे एक सैन्य विमान को विंडशील्ड में दरार के कारण यूनाइटेड किंगडम में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी.