नई दिल्ली: देशभर में लाखों यात्री रोजाना रेलवे स्टेशनों पर भोजन की उम्मीद करते हैं, लेकिन अब ग्लोबल तनाव ने इस सुविधा पर भी असर डालना शुरू कर दिया है. पश्चिम एशिया के हालिया संघर्षों से कमर्शियल LPG की सप्लाई में संभावित कमी की आशंका के चलते IRCTC ने पश्चिमी जोन में तत्काल कदम उठाए हैं. 10 मार्च 2026 को जारी निर्देश में कैटरिंग यूनिट्स को वैकल्पिक तरीकों से काम चलाने और तैयार खाने पर जोर देने को कहा गया है. यह फैसला यात्रियों को भूखा न छोड़ने और सेवाओं को सुचारू रखने का प्रयास है, खासकर जब ट्रेन यात्रा में भोजन एक बड़ी जरूरत होता है.
IRCTC ने साफ निर्देश दिए हैं कि अगर LPG की कमी पड़ती है तो कैटरिंग यूनिट्स को माइक्रोवेव ओवन और इंडक्शन स्टोव जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा. यह कदम खाना बनाने में रुकावट न आने देगा. कई यूनिट्स पहले से ही ऐसे उपकरण रखती हैं, लेकिन अब इन्हें मुख्य विकल्प बनाना होगा. इससे यात्रियों को गर्म खाना मिलता रहेगा, भले ही गैस सिलेंडर उपलब्ध न हों.
यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए RTE खाने जैसे पैकेज्ड नूडल्स, सैंडविच, बिस्किट, फ्रूट जूस और अन्य तैयार उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक रखना जरूरी कर दिया गया है. ये आइटम बिना कुकिंग के तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं. IRCTC का मकसद है कि LPG पर निर्भरता कम हो और यात्री किसी भी स्थिति में भूखे न रहें. कई स्टेशनों पर पहले से RTE का विकल्प मौजूद है, लेकिन अब इसे बढ़ावा दिया जाएगा.
अगर किसी कैटरिंग यूनिट में गैस खत्म हो जाती है और खाना बनाना बंद हो जाता है, तो तुरंत वेस्ट जोन कंट्रोल रूम को सूचित करना होगा. IRCTC ने संबंधित संपर्क नंबर भी दिए हैं. यह व्यवस्था समस्या को जल्दी पकड़ने और वैकल्पिक इंतजाम करने में मदद करेगी. इससे बड़े स्तर पर असर पड़ने से पहले ही समाधान निकाला जा सकेगा.
IRCTC ने सभी लाइसेंसधारकों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है. मकसद साफ है—यात्रियों को खान-पान में कोई परेशानी न हो. यह एहतियाती कदम ग्लोबल संकट के बीच रेलवे की जिम्मेदारी दिखाता है. पश्चिमी जोन में फूड प्लाजा और जन आहार जैसी यूनिट्स पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा, जहां रोजाना हजारों यात्री भोजन करते हैं.
पश्चिम एशिया के संघर्ष से ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत में कमर्शियल LPG पर पड़ रहा है. IRCTC का यह निर्देश सिर्फ शुरुआत है. अगर स्थिति बिगड़ती है तो ट्रेनों में भी भोजन सेवाओं पर असर पड़ सकता है. फिलहाल स्टेशनों पर RTE और इलेक्ट्रिक कुकिंग से यात्रा जारी रहेगी. यात्री बेफिक्र होकर सफर कर सकते हैं, क्योंकि रेलवे ने तैयारी कर ली है.