नई दिल्ली: ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल गठबंधन का युद्ध 11वें दिन भी हिंसक बना हुआ है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक 16 ईरानी माइन-बिछाने वाली नौकाओं को तबाह कर दिया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अभी तक जलडमरूमध्य में कोई विस्फोटक नहीं बिछाया गया है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है. ईरान ने जवाब में कहा कि वह दुश्मनों को एक भी लीटर तेल नहीं जाने देगा. दोनों तरफ से कड़ी धमकियां जारी हैं, जबकि क्षेत्र में हमले और नागरिकों की मौतें बढ़ रही हैं.
अमेरिकी सेना ने 16 ईरानी माइन-लेयर जहाजों को नष्ट करने का दावा किया और कुछ जहाजों का वीडियो भी जारी किया. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने माइंस नहीं हटाए तो पहले से कहीं ज्यादा तीव्र हमले होंगे. ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि क्षेत्र से दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों को एक लीटर तेल भी नहीं भेजा जाएगा.
ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर नए हमले किए. तेहरान में भारी बमबारी हुई, जहां लोग ग्रामीण इलाकों में शरण ले रहे हैं. लेबनान में इजरायली हमलों से 7 लोगों की मौत हुई, जिसमें एक रेड क्रॉस सदस्य और एक लेबनानी सैनिक शामिल हैं. सऊदी अरब ने कई मिसाइलें और ड्रोन रोक दिए. यूएई में 6 मौतें और 122 लोग घायल हुए हैं.
यहां देखें वीडियो
U.S. forces eliminated multiple Iranian naval vessels, March 10, including 16 minelayers near the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/371unKYiJs
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 10, 2026
अमेरिका में 140 सैनिक घायल हुए, 7 की मौत हुई. ईरान में 1,230, लेबनान में 480 से ज्यादा और इजरायल में 12 मौतें दर्ज की गईं. लेबनान से 6.67 लाख लोग विस्थापित हुए. तेल की कीमतें प्रभावित हैं, सऊदी अरब ने पाइपलाइन से तेल रीडायरेक्ट किया. कई देशों के नागरिक क्षेत्र छोड़ रहे हैं.
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने कहा कि युद्धविराम नहीं होगा, आक्रामक को सबक सिखाना जरूरी है. सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने ट्रंप को चेताया कि ईरान को कोई खत्म नहीं कर सकता. अमेरिका में डेमोक्रेट सांसदों ने युद्ध के अंतिम लक्ष्य पर सवाल उठाए हैं.