केरल के लोगों की एक पुरानी इच्छा अब पूरी हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार ने राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी दे दी है. यह फैसला मलयाली संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करता है.
पीएम मोदी ने अखिल केरल धीवरा सभा के 50वें वर्षगांठ सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने मछुआरा समुदाय की सराहना की और 2018 की बाढ़ में उनकी बहादुरी को याद किया. पीएम ने कहा कि अब सभी के चेहरों पर खुशी साफ दिख रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि मलयाली लंबे समय से चाहते थे कि राज्य का नाम ‘केरलम’ हो. एनडीए सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा, 'मैं केरलम के सभी लोगों के चेहरों पर खुशी देख सकता हूं. यह सुंदर राज्य अब अपनी संस्कृति के अनुसार सही नाम से जाना जाएगा.' उन्होंने केरलम के लोगों को बधाई दी और कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला है.
पीएम ने अखिल केरल धीवरा सभा की स्वर्ण जयंती पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि पिछले 50 साल से यह संगठन मछुआरों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है. उनकी मेहनत और सेवा भावना सराहनीय है. पीएम ने केरलम के सभी मछुआरों और सभा के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने संगठन की लगन को सलाम किया.
2018 की भयानक बाढ़ में मछुआरा समुदाय ने अद्भुत साहस दिखाया था. पीएम मोदी ने याद किया कि कैसे उन्होंने फंसे लोगों को बचाया और जरूरी सामान पहुंचाया. पूरे देश ने उनकी बहादुरी और समर्पण को देखा. उन्होंने कहा कि मछुआरों की यह सेवा हमेशा सम्मान के साथ याद की जाएगी.
पीएम मोदी ने केरलम के मछुआरों को विशेष बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि धीवरा सभा ने समुदाय के हितों के लिए लगातार काम किया है. पीएम ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी यह संगठन इसी तरह सक्रिय रहेगा. उन्होंने मछुआरा समुदाय की मेहनत को देश के विकास से जोड़ा.