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India Daily

आसमान में अचानक हुई खराबी, फिर मची तबाही! कांगो में बड़ा प्लेन क्रैश, 2 लेफ्टिनेंट जनरल समेत 14 लोगों की मौत

कांगो की राजधानी किंशासा लौट रहा एक विमान रास्ते में तकनीकी खराबी के चलते क्रैश हो गया. हादसे में दो सीनियर सैन्य अधिकारियों समेत कुल 14 लोगों की मौत हो गई है.

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Edited By: Reepu Kumari
आसमान में अचानक हुई खराबी, फिर मची तबाही! कांगो में बड़ा प्लेन क्रैश, 2 लेफ्टिनेंट जनरल समेत 14 लोगों की मौत
Courtesy: GEMINI

नई दिल्ली: कांगो से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां शुक्रवार को एक विमान हादसे में कम से कम 14 लोगों की जान चली गई. इनमें दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं. सेना के मुताबिक, विमान दक्षिण-पश्चिमी शहर किक्विट से राजधानी किंशासा लौट रहा था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई और वह केंगे इलाके में जा गिरा. विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

दो बड़े जनरल भी इस हादसे का शिकार

इस हादसे में जान गंवाने वाले दो वरिष्ठ अधिकारियों में सैन्य अदालत के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मुटोम्बो कातालाई तिएंदे और सशस्त्र बलों के महालेखा परीक्षक लेफ्टिनेंट जनरल बाकुमी लिकुलिया शामिल हैं. इन दोनों बड़े अधिकारियों की मौत ने कांगो की सेना में शोक की लहर दौड़ा दी है. दोनों अपने-अपने क्षेत्र में अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे.

बयान में सामने आई हादसे की पूरी जानकारी

कांगो की सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल एफोमी एकेंगे ने एक बयान जारी कर बताया कि दोनों जनरल अधिकारियों के अलावा प्रतिनिधिमंडल के बारह सदस्य और चालक दल के सदस्य भी इस हादसे में मारे गए हैं. उन्होंने साफ किया कि हादसे में किसी के भी बचने की कोई संभावना नहीं थी, और यह पूरी घटना बेहद दुखद है.

जांच शुरू, कारण अब भी अनजान

हादसे की वजह पता लगाने के लिए तुरंत जांच शुरू कर दी गई है. नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के बोर्ड चेयरमैन ट्राइफॉन किन-कीए मुलुम्बा ने कहा है कि फिलहाल क्रैश की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक विमान में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुख्ता वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी.

पहले से ही संघर्ष से जूझ रहा है देश

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब कांगो की सेना पहले से ही पूर्वी इलाके में कई विद्रोही गुटों से जूझ रही है. इनमें रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही गुट भी शामिल है, जिसने पिछले साल से हमलों की झड़ी लगाकर कई अहम शहरों पर कब्जा कर लिया था. ऐसे नाजुक हालात में दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत सेना के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.