'सिंदूर, एब्सोल्यूट रिजॉल्व और खामेनेई', हर बार चीनी रक्षा कवच फेल, बीजिंग को अरबो डॉलर देने के बाद भी दुश्मनों के सामने टेकने पड़े घुटने
चीनी डिफेंस सिस्टम दुनिया के सामने हर बार फेल होता नजर आ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर, वेनेजुएला के बाद अब ईरान में सिस्टम फेल हो गया.
दुनिया भर में चीन अपने हथियारों की तारीफ करते थकता नहीं है. लेकिन अभी हाल के संघर्षों में दिख रहे नतीजे इन दावों को गलत ठहराती नजर आ रही है. यहां यह कहावत सटीक बैठता है कि हाथी के दांत दिखाने के कुछ और खाने के कुछ और होते हैं.
बीजिंग ने जिन देशों को अपने हथियार सौंपे थे उन देशों का युद्ध के मैदान में हालत खराब नजर आ रही है. सबसे पहले चीनी हथियारें और डिफेंस सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखने में फेल हो गया. इसके बाद वेनेजुएल जिसके भरोसे अमेरिका के खिलाफ खड़ा था, वहां के राष्ट्रपति अमेरिकी सैनिक उठा ले गए. इसके बाद अब ईरान का स्टील डोम भी ध्वस्त हो गया.
चीनी हथियार हर जगह फेल
चीन हथियार कुल मिलाकर हर बार फेल होते नजर आ रहे है. पाकिस्तान, वेनेजुएला के बाद अब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने इस बात पर मुहर लगा दी है. ईरान और इजरायल का फायटर जेट आसानी से ईरान में लगे चीनी ड्रोन को पार कर सुप्रीम नेता खामेनेई को मारने में सफल रहे.
इतना ही नहीं ईरान इजरायली और अमेरिकी फाइटर जेट और ड्रोने ने पूरे ईरान में तबाही ला दी. इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना ने नियंत्रण रेखा पार किए बिना पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. पाकिस्तान की 80 प्रतिशत से ज्यादा रक्षा प्रणाली चीनी हथियारों और सिस्टमों पर टिकी है. जिसके नतीजे साफनजर आ रहे हैं. इतना ही नहीं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की ब्रह्मोस मिसाइल को भी चीन की डिफेंस सिस्टम रोकने में नाकाम रही. दुनिया के सामने एक बार फिर चाइनीस प्रोडक्ट का मजाक बन गया.
अमेरिकी-इजरायली हथियारों के आगे चीनी सुरक्षा प्रणाली फेल
अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व शुरू किया था. जिसके तहत वहां के राष्ट्रपति को देश के अंदर जाकर उनके घर से गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान वेनेजुएला के सुरक्षा में तैनात चीन का JY-27A एंटी-स्टील्थ रडार अमेरिका के स्टील्थ ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को देखने में असफल रहा. इससे दुनिया के सामने एक बार फिर से चीनी उपकरणों का मजाक बना. ईरान ने जब चीन से रक्षा कवच खरीदा था कि उनका हथियार 260 किमी तक अचूक निशाना साधने के लिए बनाया गया है, लेकिन इजरायली विमानों के आगे इन्होंने भी घुटने टेक दिए. कुल मिलाकर हर बार चीनी सिस्टम दुनिया के सामने फेल होता दिखा.