यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को मिल सकती हैं बड़ी राहत, सीएम योगी हटा सकते हैं 10% अतिरिक्त शुल्क
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में बिजली बिल पर लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क और अन्य विवादित मुद्दों पर फैसला ले सकते हैं.
उत्तर प्रदेश में बिजली बिल को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ऊर्जा विभाग की अहम समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक पर लाखों बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और विभाग से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हुई हैं.
ईंधन अधिभार शुल्क पर बढ़ा विवाद
राज्य में बिजली बिल के साथ 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क वसूले जाने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि इस अतिरिक्त शुल्क से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. वहीं, नियामक आयोग भी इस वसूली को नियमों के अनुरूप नहीं मान चुका है. इसके बावजूद बिजली उपभोक्ताओं से शुल्क लिया जा रहा है. इसी कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. अब उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री इस मामले में स्पष्ट निर्देश जारी कर सकते हैं और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं.
ऊर्जा मंत्री के आरोपों से बढ़ी चर्चा
ऊर्जा विभाग इन दिनों अंदरूनी विवादों को लेकर भी चर्चा में है. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विभाग के शीर्ष अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि बिजली महंगी करने जैसे फैसलों में उनकी सहमति नहीं ली गई. इसके अलावा विभाग में नियुक्तियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं. इन मुद्दों के सामने आने के बाद ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री विभागीय कामकाज की पूरी रिपोर्ट लेकर स्थिति का जायजा लेंगे और जरूरी कदम उठाएंगे.
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उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की बड़ी उम्मीदें
बिजली उपभोक्ता परिषद और कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है. उपभोक्ता परिषद का कहना है कि ईंधन अधिभार शुल्क की वसूली पर तुरंत रोक लगनी चाहिए. वहीं कर्मचारी संगठनों ने हटाए गए संविदा कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने की मांग की है. उनका कहना है कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों का होना जरूरी है.