हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़ टी20 वर्ल्ड कप में बनीं भारत की नंबर-1 क्वीन

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में नया इतिहास रच दिया. पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उतरते ही वह टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गईं.

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Ashutosh Rai

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. पाकिस्तान के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए मुकाबले के दौरान उन्होंने पूर्व कप्तान मिताली राज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए टूर्नामेंट इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया.

मिताली राज को पीछे छोड़कर बनीं नंबर वन

पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले हरमनप्रीत कौर और मिताली राज के नाम महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए 726-726 रन दर्ज थे. ऐसे में हरमनप्रीत को रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए केवल एक रन की जरूरत थी. जैसे ही उन्होंने अपनी पारी का पहला रन पूरा किया, वह इस टूर्नामेंट में भारत की सबसे सफल बल्लेबाज बन गईं. यह उपलब्धि उनके लंबे और शानदार करियर में एक और बड़ी सफलता के रूप में जुड़ गई. भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में हरमनप्रीत का योगदान लगातार महत्वपूर्ण रहा है और यह रिकॉर्ड उनकी मेहनत का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है.

मुश्किल समय में संभाली टीम की पारी

भारत की शुरुआत इस मुकाबले में अच्छी नहीं रही थी. टीम ने शुरुआती ओवरों में शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स के विकेट गंवा दिए थे. ऐसे समय में कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरीं. उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ मिलकर पारी को संभाला और टीम को संकट से बाहर निकाला. दोनों खिलाड़ियों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिससे भारत मजबूत स्थिति में पहुंचा. हरमनप्रीत ने 35 गेंदों में 36 रन बनाए. भले ही यह बड़ी पारी नहीं थी लेकिन टीम को स्थिरता देने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही.


भारत ने बनाया मजबूत स्कोर

हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना की साझेदारी ने भारत की पारी को नई दिशा दी. मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों पर 68 रन बनाए. उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले. इसके बाद आखिरी ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजी से रन जुटाए और सिर्फ 17 गेंदों में 34 रन बनाकर टीम का स्कोर 170 रन तक पहुंचा दिया. भारत की इस मजबूत बल्लेबाजी ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया और टीम को बड़ी जीत की नींव दी.