बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस तो बन गए हैं लेकिन उनके हाथों से कानून व्यवस्था फिसलती जा रही है. देश अराजकता की स्थिति में पहुंच गया है, जहां रह रहे अल्पसंख्यक अब सुरक्षित नहीं हैं. हिंदू, ईसाई, बौद्ध, जैन हर आबादी खुद पर आए संकट से को सोचकर परेशान है. हजारों की संख्या में अल्पसंख्यक प्रदर्शनकारी अब सड़कों पर हैं और अपने लिए इंसाफ मांग रहे हैं. मोहम्मद यूनुस ने वैसे तो अपीलकी है कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बंद हो लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है. अराजक जनता, पागल हो गई है और मंदिरों को निशाना बना रही है.
बांग्लादेश की अंतिरम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनिस से देश की सत्ता संभल नहीं रही है. उनके समर्थक, अब अराजक भीड़ में बदल गए हैं, जिन्हें संभालना, खुद उनके बस की बात नहीं है. मुहम्मद यूनुस बार-बार अपील कर चुके हैं कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार न हो, वे इन हमलों को बर्बर बता चुके हैं लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. मुहम्मद यूनुस तो कह चुके हैं कि वे देश के नागरिक हैं, उन पर अत्याचार न करो लेकिन ये अत्याचार अंतहीन हो गए हैं.
अभी शनिवार की ही तो बात है. मोहम्मद यूनुस ने अपने समर्थकों से अपील की थी, 'क्या वे इस देश के नागरिक नहीं हैं? अगर आप अपने देश का बचाने में सक्षम है, क्या आप कुछ परिवारों को नहीं बचा सकते हैं?' हिंदू प्रदर्शनकारी सड़कों पर है और अपने लिए सेना से इंसाफ मांग रहे हैं. सेना, सरकार और पुलिस, सब मिलकर भी हिंदुओं को सुरक्षित भविष्य का आश्वासन नहीं दे पा रही है.
"Hindus have Right to Live"
— Anshul Saxena (@AskAnshul) August 9, 2024
This is from the capital city of Bangladesh.
Hindu Community gathered in Dhaka to protest against the attacks on Hindus and Temples in Bangladesh. pic.twitter.com/RVDxFbXAuT
प्रोफेसर यूनुस की अपील काम नहीं कर रही है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा था, 'आपको कहना चाहिए, कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता. वे मेरे भाई हैं, हमने साथ लड़ा है, हम हमेशा साथ रहेंगे.' उन्होंने बेगम रुकैया यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया और हिंदू, ईसाई और बौद्ध समुदाय के लोगों को बचाने की अपील भी की.
See how Bangladeshi army is torturing minorities, especially Hindus
— Jay Lighty (@Jay_Lighty) August 11, 2024
Where has Al Jazeera gone? Now they will not cover this.
- Save Hindus from East Pakistan
- Hindus Under Attack #BangladeshiHindusareHelpless #HindusAreNotSafeInBangladesh #HindusUnderAttack… pic.twitter.com/dvsRCmKIKP
हजारों की संख्या में हिंदू प्रदर्शनकारी ढाका, छात्रोग्राम, बहिरास, तंगैल और कुरीगाम जैसे शहरों में उमड़े हैं और और कह रहे हैं कि हिंदू हैं तो क्या हुआ, उन्हें भी बांग्लादेश में रहने का हक हैं. हिंदू प्रदर्शनकारियों ने ढाका के शाहबाग चौराहे को ब्लॉक कर दिया. हिंदुओं के घरों, दुकानों और मंदिरों पर हमले हो रहे हैं. अल्पसंख्यकों में डर है, आशंका है और दहशत है.
बंगाल में जगह-जगह प्रदर्शनकारी अपने हाथों में प्ले कार्ड लेकर घूम रहे हैं. उनकी तख्तियों पर लिखा है, 'अगस्त 2024: बांग्लादेशियों की रक्षा करें. हमें न्याय और सुरक्षा दो. सेव हिंदूज. क्यों हमारे मंदिर तोड़े जा रहे हैं. हम जवाब जाहते हैं. हिंदुओं का उत्पीड़न बंद हो. हिंदुओं का उत्पीड़न नहीं सहेंगे. धर्म व्यक्तिगत होता है, राज्य सबके लिए होता है. हिंदुओं की सुरक्षा करो.'
Hindus marching and gathering in Bangladesh demanding their safety#BangladeshHindus #Bangladeshindus #BangladeshHinduGenocide#BangladeshiHindusareHelplesspic.twitter.com/2O5q2F77Ql
— MogamboTango😆🇮🇳 (@informedindian5) August 10, 2024
शाहबाग इलाके में हिदू अपने लिए इंसाफ मांग रहे हैं, सुरक्षा मांग रहे हैं लेकिन बांग्लादेश से खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं. वे अपने मंदिरों और घरों में हुए लूट से नाराज हैं और मुआवजा मांग रहे हैं. उनकी घरों में भीड़ ने लूट डाली है.
बांग्लादेश के 52 जिलों में अल्पसंख्यकों के घरों में 205 से ज्यादा बार भीषण हमले हुए हैं. बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट, क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल और बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद जैसे संगठनों के नेतृत्व में ये विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हजारों बांग्लादेशी हिंदू भारत आना चाहते हैं. भारत आने की भी राह इतनी नहीं है. बांग्लादेश में अगर तत्काल अल्पसंख्यकों को सुरक्षा नहीं मिली तो उनका नरसंहार हो सकता है.