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India Daily

पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन कर रहा भारत पर हमले की प्लानिंग? PAK से एस जयशंकर को आया लेटर

बालूचिस्तानी नेता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखर चेतावनी दी है. उन्होंने भारत में चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ती दोस्ती को भारत के लिए खतरनाक बताया है.

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Edited By: Shanu Sharma
पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन कर रहा भारत पर हमले की प्लानिंग? PAK से एस जयशंकर को आया लेटर
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पाकिस्तान और भारत के बीच पिछले कुछ महीनों से रिश्ते और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं. पहलगाम हमले का भारत की ओर से मुंहतोड़ जवाब दिया गया, इतना ही नहीं पीएम मोदी ने यह भी साफ किया था कि इस ऑपरेशन को अभी रोका गया है, खत्म नहीं किया गया है. इसी बीच चीन दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव का फायदा उठाने की तैयारी में हैं. 

बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने चीन की प्लानिंग के बारे में बताते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा है. उन्होंने इस पत्र में पाकिस्तान की खुफिया जानकारी साझा की है. उन्होंने अपने पत्र में बताया कि चीन अब पाकिस्तान की मदद से भारत पर हमले की प्लानिंग कर रहा है. 

बालूचिस्तानी नेता ने पत्र में क्या लिखा?

बालूचिस्तानी नेता ने यह दावा किया कि चीन कुछ समय में पाकिस्तान में अपनी सेना को खड़ा करने की तैयारी में है. नेता ने चीन और पाकिस्तान की दोस्ती को भारत के लिए काफी चिंताजनक बताया है. उन्होंने विदेश मंत्री को लिखे पत्र को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है. उन्होंने अपनी समस्याओं को भी साझा करते हुए कहा कि बलूचिस्तान आज से नहीं बल्कि लगभग 80 सालों से आतंकवाद और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन की समस्या को झेल रहा है. ऐसे में अब समय आ चुका है इस समस्या को खत्म कर दिया जाए, जिससे की स्थायी रूप से शांति बहाल हो सके. 

भारत इसके लिए कितना तैयार?

मीर ने लिखा कि बलूचिस्तान गणराज्य चीन और पाकिस्तान के बीच हो रहे समझौते को खतरनाक मानता है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब तक बलूच के रक्षा बलों को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक यहां के लोगों को गंभीर रूप से नहीं लिया जाएगा. साथ ही कुछ समय बाद चीन की सेनाओं को पाकिस्तान में तैनात कर दिया जाएगा. हालांकि चीन ने  सीपीईसी के तहत हर बार इस तरह के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि चीन-पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंध हैं. हालांकि भारत हमेसा सीपीईसी का विरोध में रहा है. लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर चीन की तैयारी ऐसी तो क्या भारत की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह अपनी रक्षा कर सके.