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India Daily

अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच ईरान ने रूस से की सीक्रेट मिसाइल डील, हवाई रक्षा को मजबूत करने की तैयारी

अमेरिका से तनाव और पिछले साल जून में न्यूक्लियर साइट्स पर हुए हमलों के बाद ईरान अपनी हवाई रक्षा को मजबूत कर रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने रूस के साथ 500 मिलियन यूरो (करीब 589 मिलियन डॉलर) की गुप्त डील की है.

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Edited By: Reepu Kumari
अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच ईरान ने रूस से की सीक्रेट मिसाइल डील, हवाई रक्षा को मजबूत करने की तैयारी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है. अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत चल रही है, लेकिन ईरान अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता. पिछले साल जून में अमेरिकी हमलों ने उसके तीन प्रमुख न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाया था, जिससे उसकी परमाणु क्षमता को झटका लगा. अब ईरान रूस के साथ गहरे रणनीतिक रिश्ते मजबूत कर रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स ने रविवार को खुलासा किया कि तेहरान ने रूस से हजारों एडवांस्ड शोल्डर-फायर्ड मिसाइलें खरीदने का सीक्रेट समझौता किया है, जो उसकी हवाई रक्षा को नई ताकत देगा.

गुप्त डील का खुलासा

फाइनेंशियल टाइम्स ने लीक हुए रूसी दस्तावेजों और डील से जुड़े कई लोगों के हवाले से बताया कि यह करार दिसंबर में मॉस्को में हुआ. रूस की सरकारी हथियार निर्यात कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट और ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि के बीच साइन हुआ. ईरान ने पिछले जुलाई में इन सिस्टम्स के लिए औपचारिक अनुरोध किया था. यह डील ईरान की हवाई रक्षा को फिर से खड़ा करने की कोशिश का हिस्सा लगती है, खासकर पिछले 

हमलों के बाद डिलीवरी का प्लान

समझौते के तहत रूस 500 मैन-पोर्टेबल वर्बा लॉन्च यूनिट और 2,500 9M336 मिसाइलें सप्लाई करेगा. ये डिलीवरी तीन चरणों में होगी, जो 2027 से शुरू होकर 2029 तक चलेगी. वर्बा सिस्टम इंफ्रारेड गाइडेड है, जो दुश्मन के विमानों और ड्रोन को प्रभावी ढंग से रोक सकता है. यह खरीदारी ईरान को अमेरिकी या इजरायली हवाई हमलों से बेहतर सुरक्षा देने का वादा करती है.

पिछले हमलों का असर

पिछले साल जून में अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन मुख्य न्यूक्लियर साइट्स—नतांज, फोर्डो और इस्फहान—पर हमला किया था. राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ये सुविधाएं पूरी तरह तबाह हो गईं. हालांकि शुरुआती खुफिया रिपोर्टों में कहा गया कि परमाणु कार्यक्रम सिर्फ कुछ महीने या साल पीछे हुआ. ईरानी अधिकारी बार-बार कहते हैं कि वे नुकसान से उबर चुके हैं और अब पहले से ज्यादा मजबूत हैं.

रणनीतिक साझेदारी और मौजूदा हालात

रूस और ईरान के बीच स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप ट्रीटी है, हालांकि इसमें म्यूचुअल डिफेंस क्लॉज नहीं है. हाल ही में रूसी नेवल जहाज ने ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसेना के साथ युद्धाभ्यास किया. दूसरी ओर, अमेरिका सीमित हमलों की चेतावनी दे रहा है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि परमाणु वार्ता के बाद समझौता तैयार हो सकता है. वे अगले दिनों में ड्राफ्ट वाशिंगटन भेजने की योजना पर काम कर रहे हैं.