नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रही जंग अब और उलझ गई है. ईरान ने अमेरिका के साथ सभी तरह की कूटनीतिक बातचीत खत्म करने का ऐलान कर दिया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक वीडियो जारी कर अमेरिका पर भरोसा तोड़ने और धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बार-बार वादा किया कि कोई हमला नहीं होगा, लेकिन बातचीत के बीच में ही ईरान पर हमले शुरू कर दिए. इस फैसले से शांति की बची-खुची उम्मीदें भी खत्म हो गई हैं. ईरान का कहना है कि अब अमेरिका के साथ कोई बातचीत एजेंडे में नहीं है. यह कदम युद्ध के चौथे हफ्ते में आया है, जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक्स पर जारी वीडियो में साफ कहा, 'अमेरिका के साथ बातचीत हमेशा के लिए खत्म हो गई है. हमें धोखा मिला.' उन्होंने बताया कि पिछले साल जून में बातचीत हुई थी, लेकिन अमेरिका ने बीच में हमले कर दिए. इस साल भी तीन दौर की बातचीत के बाद जब सब कुछ ठीक चल रहा था, तभी हमले शुरू हो गए. अरागची ने कहा कि अमेरिका ने वादा किया था कि परमाणु मुद्दा शांतिपूर्ण तरीके से सुलझेगा, लेकिन उसने सब कुछ तोड़ दिया.
🚨 BREAKING
Araghchi Closes the Door Permanently:
"Negotiations with the Americans are over forever... A bitter experience and betrayal after promises of no attack!"
Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi 🇮🇷:
"There is no longer any room for talk with the Americans. They… pic.twitter.com/0srVlr4RWQ— 𝐓𝐌𝐓 (@TMT_arabic) March 22, 2026Also Read
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ईरान ने दो टूक कहा कि अगर अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों पर हमला करता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. यह रास्ता दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का मुख्य मार्ग है. ईरान ने पहले ही संकट को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है और शत्रु देशों के जहाजों को गुजरने से रोका जा रहा है. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो गई है और कीमतें आसमान छू रही हैं.
युद्ध अब चौथे हफ्ते में है. अमेरिका और इजरायल ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रहे हैं. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल के गुप्त परमाणु स्थल पर मिसाइल दागी. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका के हमले का जवाब क्षेत्र में उसके सहयोगी देशों के ऊर्जा और पानी के ठिकानों पर दिया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने इसे युद्ध अपराध बताया.
होर्मुज बंद होने से तेल कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. कुवैत, यूएई और बहरीन में मिसाइल-ड्रोन हमलों से निपटने के लिए हवाई रक्षा सक्रिय है. ट्रंप ने कहा कि ईरान संकट नहीं खोलेगा तो उसके बिजली ढांचे पर हमले होंगे. ईरान का कहना है कि अब कोई रास्ता नहीं बचा. यह फैसला युद्ध को और लंबा खींच सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर डाल सकता है.