फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 में हुई गंभीर घटना को लेकर अल-कायदा की यमन स्थित शाखा AQAP ने प्रतिक्रिया दी है. संगठन ने अपने साप्ताहिक प्रकाशन ‘अल-बयान’ में घटना को लेकर एक लेख प्रकाशित किया.
रिपोर्ट के मुताबिक, लेख में विमान के ओमानी को-पायलट के कथित हमले की प्रशंसा की गई और भविष्य में अमेरिका तथा इजरायल से जुड़े विमानों के खिलाफ इसी तरह की हिंसा का आह्वान किया गया.
लेख का शीर्षक ‘Between September 11 and September 30’ बताया गया है. इसमें 11 सितंबर 2001 के हमलों और फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान से जुड़ी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया.
AQAP ने अपने लेख में दावा किया कि विमान अभी भी हमले के लिए असुरक्षित लक्ष्य हैं. संगठन ने इस घटना को आतंकवादी हमलों के संदर्भ में पेश करते हुए हिंसा को बढ़ावा देने वाली भाषा का इस्तेमाल किया.
हालांकि, ऐसे दावे और अपीलें आतंकवादी संगठन के प्रचार का हिस्सा हैं और इन्हें किसी स्वतंत्र या वैध सुरक्षा आकलन के रूप में नहीं देखा जा सकता.
FZ1073 उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उड़ान के दौरान भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर उनके ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर क्रैश ऐक्स से हमला किया.
कप्तान ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की और चालक दल को स्थिति की जानकारी दी. इस दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा. रिपोर्ट के अनुसार विमान करीब 14,000 फीट नीचे गया और यह गिरावट लगभग 30 सेकंड में हुई.
स्थिति बेहद गंभीर होने पर विमान में मौजूद यात्रियों ने कथित तौर पर को-पायलट को काबू करने में मदद की. इसके बाद फ्लाईदुबई के दूसरे पायलटों ने विमान की कमान संभाली. विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया. इस तरह विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल को संभावित बड़े हादसे से बचाया गया.
AQAP की ओर से घटना की प्रशंसा और आगे हमलों का आह्वान सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय हो सकता है. आतंकवादी संगठन अक्सर वास्तविक घटनाओं को अपने प्रचार में इस्तेमाल करके हिंसा को जायज ठहराने या नए हमलों के लिए प्रेरित करने की कोशिश करते हैं.
फ्लाईदुबई की यह घटना भी अब ऐसे ही प्रचार का हिस्सा बनाई जा रही है. घटना की जांच और सुरक्षा पहलुओं पर संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी.
FZ1073 की घटना ने विमान के कॉकपिट, चालक दल की सुरक्षा और उड़ान के दौरान किसी अंदरूनी व्यक्ति द्वारा पैदा किए जा सकने वाले खतरे को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कप्तान ने आपात स्थिति में कॉकपिट का नियंत्रण वापस हासिल किया और यात्रियों तथा अन्य चालक दल के सदस्यों की मदद से विमान को सुरक्षित रूप से उतारा जा सका.
अल-कायदा की प्रतिक्रिया के बाद यह घटना केवल विमानन सुरक्षा का मामला नहीं रह गई है, बल्कि आतंकवादी प्रचार और उससे जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों के संदर्भ में भी चर्चा में आ गई है.