यूनाइटेड किंगडम में मंगलवार को हवाई यात्रा व्यवस्था अचानक प्रभावित हो गई. देश में हवाई यातायात को नियंत्रित करने वाली संस्था नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई. इसके कारण कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों के संचालन में भारी रुकावट आई.
FlightRadar24 के आंकड़ों के मुताबिक, 625 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं. इनमें easyJet की 218, British Airways की 132, KLM की 37, Ryanair की 41 और Eurowings की 22 उड़ानें शामिल थीं. शेड्यूल बिगड़ने के कारण रद्द और देरी वाली उड़ानों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई.
लंदन के हीथ्रो, गैटविक, स्टैनस्टेड और लंदन सिटी एयरपोर्ट पर स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित रही. इसके अलावा मैनचेस्टर, बर्मिंघम, ल्यूटन, एडिनबर्ग, ग्लासगो और एबरडीन एयरपोर्ट से भी उड़ानों में रुकावट की जानकारी सामने आई. हीथ्रो में करीब 100 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई. गैटविक पर भी बड़ी संख्या में उड़ानों का समय प्रभावित हुआ. यूरोप के दूसरे एयरपोर्ट्स पर आने वाली कुछ उड़ानों को रोका गया और कई विमानों को ब्रुसेल्स, एम्स्टर्डम, पेरिस और डसेलडोर्फ जैसे शहरों की ओर भेजा गया.
NATS ने स्पष्ट किया कि तकनीकी खराबी के बावजूद ब्रिटेन का एयरस्पेस पूरी तरह बंद नहीं किया गया था. उड़ानें रवाना हो रही थीं, लेकिन उन्हें सामान्य तरीके से संभालने और नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित हुई थी. बाद में NATS ने बताया कि तकनीकी समस्या को ठीक कर लिया गया है. हालांकि, सिस्टम में खराबी के दौरान बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित होने के कारण सामान्य स्थिति लौटने में कई घंटे लग सकते हैं. इसका असर बुधवार तक बने रहने की चेतावनी दी गई.
इस तकनीकी खराबी का असर भारत और ब्रिटेन के बीच हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी पड़ा. हीथ्रो भारत-UK हवाई मार्ग का प्रमुख केंद्र है, जहां एयर इंडिया और ब्रिटिश एयरवेज जैसी कंपनियां भारतीय शहरों से उड़ानें संचालित करती हैं. यात्रियों को सलाह दी गई कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर लें. हीथ्रो ने भी यात्रियों से कहा कि वे उड़ान की पुष्टि होने के बाद ही एयरपोर्ट पहुंचें.