सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने मंगलवार को संसद में राजनीतिक नेताओं के वेतन में बदलाव की जानकारी दी. नए वेतन ढांचे के तहत प्रधानमंत्री के सालाना वेतन का मानक 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 3.6 मिलियन डॉलर हो जाएगा. यह बढ़ोतरी 60 फीसदी से अधिक है.
वोंग ने कहा कि राजनीतिक नेताओं का वेतन लंबे समय से संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा रहा है. उन्होंने माना कि मंत्रियों और आम नागरिकों की कमाई में बड़ा अंतर होने के कारण जनता इस फैसले पर सवाल उठा सकती है.
नए वेतन ढांचे में उप प्रधानमंत्री के लिए सालाना वेतन का मानक 1.87 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़ाकर 3.06 मिलियन डॉलर किया जाएगा. वहीं कैबिनेट मंत्रियों को उनकी वरिष्ठता और जिम्मेदारियों के आधार पर 1.80 मिलियन से 2.88 मिलियन सिंगापुर डॉलर के बीच वेतन मिलेगा. हालांकि, मौजूदा नेताओं को तुरंत नई अधिकतम सीमा के मुताबिक वेतन नहीं दिया जाएगा. 15 अक्टूबर से उन्हें उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों और प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए एक बार में अधिकतम 9 फीसदी तक का समायोजन मिलेगा. इसके बाद वेतन में होने वाले बदलाव व्यक्तिगत प्रदर्शन और जिम्मेदारियों पर निर्भर होंगे.
सिंगापुर में मंत्रियों की सैलरी में आखिरी बार करीब 15 साल पहले बदलाव किया गया था. इस बार वेतन बढ़ाने की सिफारिश एक स्वतंत्र समिति ने की है. सरकार का तर्क है कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए योग्य और सक्षम लोगों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन जरूरी है. सिंगापुर को लंबे समय से दुनिया के कम भ्रष्टाचार वाले देशों में गिना जाता है. सरकार इसी बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सक्षम राजनीतिक नेतृत्व को जरूरी मानती है.
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने कहा कि इस पूरे मुद्दे को केवल वेतन के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, असली सवाल यह है कि आने वाले दशकों में सिंगापुर को आगे ले जाने के लिए देश के पास जरूरी क्षमता और गुणवत्ता वाला राजनीतिक नेतृत्व बना रहेगा या नहीं. वोंग ने कहा कि अच्छी सरकार की नींव अच्छे नेतृत्व पर निर्भर करती है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि अपने कार्यकाल के दौरान वेतन में हुई पूरी बढ़ोतरी को वह अच्छे कामों के लिए दान करने की योजना बना रहे हैं.