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India Daily

'पाकिस्तान से परमाणु हथियार छीने जाएं', मुनीर सेना से जंग के बीच अफगानिस्तान ने भारत से की बड़ी अपील

अफगान सांसद मरियम सुलेमानखिल ने भारत से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के समर्थन और परमाणु हथियारों के कारण पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'पाकिस्तान से परमाणु हथियार छीने जाएं', मुनीर सेना से जंग के बीच अफगानिस्तान ने भारत से की बड़ी अपील
Courtesy: @MonitorX99800

नई दिल्ली: अफगानिस्तान की निर्वासित सांसद मरियम सुलेमानखिल ने भारत से अपील की है कि वह पाकिस्तान को आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर घेरने में भूमिका निभाए. उनका बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा 'खुली जंग' की घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और तेज हो गया है. सुलेमानखिल ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर भी सवाल उठाए.

भारत से कड़ी कार्रवाई की मांग

मरियम सुलेमानखिल ने कहा कि भारत जैसे मजबूत देश को पाकिस्तान की नीतियों को वैश्विक मंच पर उजागर करना चाहिए. उनके मुताबिक, पाकिस्तान की 'डीप स्टेट' की नीतियों ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि जिस देश पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने के आरोप लगते रहे हों, उसके पास परमाणु हथियार होना चिंता का विषय है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की मांग भी की.

पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

सुलेमानखिल ने पाकिस्तान पर सैन्य तानाशाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि रावलपिंडी के कुछ जनरलों ने युद्ध को एक व्यवसाय बना लिया है. उनके अनुसार, पाकिस्तान अक्सर खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है, जबकि क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के आरोप उसी पर लगते रहे हैं. उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए कथित दुष्प्रचार की भी आलोचना की.

‘खुली जंग’ का ऐलान

हालिया घटनाक्रम में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों, जिनमें काबुल भी शामिल है, पर हवाई हमले किए हैं. इसके जवाब में अफगान बलों ने सीमा पर कार्रवाई की. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि अब दोनों देशों के बीच खुली जंग है. यह बयान स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है.

सीमा पर बढ़ता तनाव

दोनों पड़ोसी देशों के संबंध पिछले कुछ महीनों से खराब हैं. अक्टूबर में हुई हिंसक झड़पों में दोनों ओर से कई लोगों की मौत हुई थी. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान सरकार अपने इलाके से सक्रिय उग्रवादी समूहों पर कार्रवाई नहीं कर रही. तालिबान प्रशासन इन आरोपों से इनकार करता है. इस बीच, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है.

आगे क्या है रास्ता

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं. मरियम सुलेमानखिल का कहना है कि अब समय आ गया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए. उनका मानना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है.