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India Daily

अमेरिकी दूतावास ने 'सुरक्षा जोखिम' के चलते नॉन-इमरजेंसी कर्मचारियों को इजरायल छोड़ने की दी अनुमति, ट्रैवल एडवाइजरी की अपडेट

यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा जोखिमों के चलते गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवारों को इजरायल छोड़ने की अनुमति दी है. क्षेत्रीय तनाव और संभावित आतंकी खतरों को देखते हुए ट्रैवल एडलाइजरी भी अपडेट की गई है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अमेरिकी दूतावास ने 'सुरक्षा जोखिम' के चलते नॉन-इमरजेंसी कर्मचारियों को इजरायल छोड़ने की दी अनुमति, ट्रैवल एडवाइजरी की अपडेट
Courtesy: @Megatron_ron

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास ने अहम कदम उठाया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने 27 फरवरी 2026 को गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को इजरायल से स्वैच्छिक प्रस्थान की अनुमति दे दी है. दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि यह फैसला सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. साथ ही नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे व्यावसायिक उड़ानें उपलब्ध रहने तक देश छोड़ने पर विचार करें.

स्वैच्छिक प्रस्थान की अनुमति

दूतावास के अनुसार, यह 'अधिकृत प्रस्थान' है, यानी प्रभावित कर्मचारी स्वयं तय कर सकते हैं कि उन्हें जाना है या नहीं. यह कदम लेबनान के बेरूत स्थित दूतावास में लागू अनिवार्य प्रस्थान से अलग है. बयान में कहा गया कि हालात तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है. हालांकि, सुरक्षा जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी गई.

ट्रैवल एडवाइजरी में बदलाव

यरुशलम मिशन ने नागरिकों से इजरायल और वेस्ट बैंक की यात्रा पर पुनर्विचार करने को कहा है. गाजा, उत्तरी इजरायल और मिस्र सीमा से सटे इलाकों में यात्रा न करने की सख्त सलाह दी गई है. दूतावास ने चेतावनी दी कि आतंकी समूह और हिंसक चरमपंथी बिना चेतावनी के हमले कर सकते हैं. पर्यटन स्थल, बाजार और सरकारी इमारतें संभावित निशाने हो सकते हैं.

क्षेत्रीय तनाव का बैकग्राइउंड

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन हालिया दौर में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई. ईरान ने चेतावनी दी है कि हमला होने पर वह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है. जून में दोनों देशों के बीच 12 दिन तक संघर्ष चला था. इस पृष्ठभूमि में इजरायल भी संभावित तनाव का केंद्र बन सकता है.

अन्य देशों की सतर्कता

क्षेत्रीय अस्थिरता को देखते हुए कई देशों ने भी अपने राजनयिक कर्मियों के परिवारों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है. कुछ सरकारों ने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है. बढ़ते तनाव के कारण एयरलाइंस उड़ानों में कटौती कर सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति पर नजर रखना और समय रहते निर्णय लेना ही फिलहाल सबसे सुरक्षित विकल्प है.