menu-icon
India Daily

चीन की सेना में यह क्या चल रहा? राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फौज के टॉप ऑफिसर को पद से हटाया

पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना में कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है. 2022 में एक वरिष्ठ अधिकारी अचानक सार्वजनिक कार्यक्रमों से गायब हो गया था. 2023 में 14 अधिकारियों को हटाया गया, जबकि 2024 में 11 अधिकारी पद से हटाए गए.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
चीन की सेना में यह क्या चल रहा? राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फौज के टॉप ऑफिसर को पद से हटाया
Courtesy: pinterest

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 19 जनवरी को एक अहम फैसला लेते हुए वरिष्ठ सैन्य अधिकारी जनरल झांग यूशिया को उनके पद से हटा दिया. उन पर अमेरिका को परमाणु गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है. यह कदम चीन की सेना में चल रही व्यापक कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है. झांग यूशिया सेना में बेहद प्रभावशाली पद पर थे और राष्ट्रपति के करीबी माने जाते थे.

चीन की सेना में बड़ा बदलाव

सरकारी जानकारी के अनुसार, चीन की शीर्ष विधायी संस्था ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रतिनिधियों की सूची में बदलाव किया है. इस सूची से नौ सैन्य अधिकारियों के नाम हटाए गए हैं. इनमें ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने ताइवान से जुड़े सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी संभाली थी. कुछ अधिकारी प्रशिक्षण और युद्ध अभ्यास को आधुनिक बनाने के लिए जाने जाते थे.

झांग यूशिया की अहम भूमिका

जनरल झांग यूशिया सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के उपाध्यक्ष थे, जो चीन की सेना का सबसे बड़ा निर्णय लेने वाला निकाय है. वह राष्ट्रपति शी चिनफिंग को स्कूल के समय से जानते थे और उन्हें उनका विश्वसनीय सहयोगी माना जाता था. ऐसे वरिष्ठ अधिकारी को हटाया जाना असामान्य माना जा रहा है. यह कदम चीन की सेना में सख्ती और जवाबदेही की ओर इशारा करता है.

सेना में लगातार कार्रवाई

पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना में कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है. 2022 में एक वरिष्ठ अधिकारी अचानक सार्वजनिक कार्यक्रमों से गायब हो गया था. 2023 में 14 अधिकारियों को हटाया गया, जबकि 2024 में 11 अधिकारी पद से हटे या नजर नहीं आए. 2025 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 62 तक पहुंच गई. इस साल भी कई अधिकारी महत्वपूर्ण बैठकों में नजर नहीं आए हैं.

चीनी सेना की स्थिति काफी संवेदनशील

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई का असर लंबे समय तक रहेगा. किसी वरिष्ठ अधिकारी के हटने से उससे जुड़े कई जूनियर अधिकारियों का भविष्य भी प्रभावित होता है. पूर्व सीआईए विश्लेषक जॉन कल्वर के अनुसार, यह असर दो से तीन साल तक दिखाई दे सकता है. फिलहाल चीन की सेना में स्थिति काफी संवेदनशील मानी जा रही है.