थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शुक्रवार को हुए घातक संघर्ष में कम से कम 16 लोगों की जान चली, जिसमें एक थाई सैनिक भी शामिल है. दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को निष्कासित कर दिया है, जिससे शीघ्र कूटनीतिक समाधान की संभावना धूमिल हो गई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद शुक्रवार को इस संकट पर आपातकालीन बैठक आयोजित करने वाली है, क्योंकि कई प्रमुख शक्तियां युद्धविराम और बातचीत की मांग कर रही हैं.
सीमा पर बढ़ता तनाव
थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचायचाई ने चेतावनी दी है कि सीमा पार संघर्ष "युद्ध में बदल सकता है." उन्होंने कहा, "वर्तमान स्थिति में घुसपैठ और आक्रामकता के कृत्य शामिल हैं, जो लोगों के जीवन को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह स्थिति तेज हो गई है और युद्ध की स्थिति में बदल सकती है." थाईलैंड ने कंबोडिया पर कई मोर्चों पर हमले शुरू करने का आरोप लगाया, जबकि कंबोडिया ने थाईलैंड पर क्लस्टर म्यूनिशन जैसे विवादास्पद हथियारों का उपयोग करने का आरोप लगाया.
थाई सेना ने कंबोडिया के हमलों को "भयावह" करार देते हुए कहा, "नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाना युद्ध अपराध है, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए."
हमलों का वीडियो आया सामने
शुक्रवार को सामने आए वीडियो में रॉयल थाई आर्मी का M758 ऑटोनॉमस ट्रक-माउंटेड गन (ATMG) 155mm गोले दागते हुए दिखाई दिया. दूसरी ओर, कंबोडियाई सैनिक थाईलैंड की सीमा के पास आवासीय क्षेत्रों में गोलीबारी से बचने की कोशिश करते दिखे. कंबोडिया की रॉयल आर्मी ने RM-70 मल्टीपल-लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) का उपयोग किया, जिसे थाईलैंड ने स्कूलों और हरे क्षेत्रों पर निशाना बनाने का आरोप लगाया.
Fighting along the border between Cambodia and Thailand continues into the night, as footage shows what appears to be a RM-70 Multiple-Launch Rocket System (MLRS) with the Royal Cambodian Army firing against targets in Thailand. pic.twitter.com/OUhiTHEuP0
— OSINTdefender (@sentdefender) July 24, 2025
दोनों देशों की सेनाएं क्यों आमने-सामने
दोनों पड़ोसी देशों के बीच 800 किलोमीटर लंबी सीमा पर प्रासात ता मुएन थॉम जैसे प्राचीन मंदिर को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. गुरुवार को जे, टैंट, तोपखाने और जमी सैनिकों के साथ लड़ाई तेज हो गई. यह मई में एक कंबोडियाई सैनिक के मारे जाने के बाद दूसरा सशस्त्र टकराव है.
थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा और कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को निशाना बनाया. शिनावात्रा ने लिखा कि सेन को "थाई सेना द्वारा सबक सिखाने की जरूरत है." जवाब में सेन ने कहा, "थाकसिन का बयान थाईलैंड की सैन्य आक्रामकता को रेखांकित करता है."
नागरिकों पर प्रभाव
थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीमा क्षेत्रों से 138,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है, जिसमें 14 नागरिकों और एक सैनिक सहित 15 लोगों की मौत हुई है. कंबोडिया में एक नागरिक की मौत और पांच अन्य के घायल होने की खबर है.