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क्या है दिल्ली का चाइल्ड ट्रैफिकिंग केस, कौन है मास्टरमाइंड, क्या-क्या हुए खुलासे?

दिल्ली के केशव पुरम से सीबीआई की टीम ने 7 से 8 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया. मानव तस्करी गैंग में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया. अब इस मामले में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं.

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Crime News: सीबीआई ने शनिवार को दिल्ली के केशव पुरम इलाके में छापा मारा और मानव तस्करी गैंग में शामिल 7 लोगों को गिरफ्तार किया. अब इस मामले में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. इस रैकेट में एक अस्पताल का वार्ड बॉय समेत कई महिलाएं शामिल हैं. सीबीआई की अब तक की जांच के मुताबिक ये गैंग बच्चों की चोरी अस्पतलों से नहीं करती थी, ये गरीब लोगों से बच्चा खरीद लेते थे. 

सीबीआई जांच से पता चला है कि गैंग के लोग फेसबुक और वॉट्सऐप ग्रुप में विज्ञापन देते थे इसके जरीए निसंतान दंपतियों से जुड़ते थे. ये गरीब लोगों की सहमति से या जिन लोगों को पैसों की जरूरत होती थी, उनसे बच्चे खरीद लेते थे. कई बार ये गरीबों से एडवांस में बच्चे ले लिया करते थे और फिर आगे बच्चे की डील करते थे. आरोपी सेरोगेट माताओं से भी नवजात खरीदते थे. 

4 से 6 लाख रुपये में बेचते थे एक बच्चा

जांच में जुड़े सीबीआई ऑफिसर के अनुसार आरोपी एक बच्चे के लिए 4 से 6 लाख रुपये की डिमांड करते थे. ये बच्चों को गोल लेने से संबंधित फर्जी दस्तावेज बनाते थे.  माना जा रहा है कि इस जांच में आगे और खुलासे हो सकते हैं. सीबीआई इस मामले में दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर सकती है.  

आईवीएफ सेंटर का होता था इस्तेमाल

दिल्ली के केशव पुरम इलााके में बच्चों को रखने का ठिकाना था. शुक्रवार को सीबीआई और पुलिस की टीम ने एक घर में छापा मारा था. दो दिनों तक चली रेड के बाद सीबीआई ने मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 7 से 8 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया. यहां एक महिला कई बच्चों के रखती थी और बच्चे को रखने के लिए प्रतिदिन 500 रुपया चार्ज करती थी. बच्चों के पटेल नगर स्थित आईवीएफ सेंटर से लाया गया था.

कौन है मास्टरमाइंड?

सीबीआई ने दिल्ली के केशव पुरम इलाके में छापेमारी के बाद मानव तस्करी गैंग में शामिल सभी 7 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया. इस रैकेट के मास्टरमाइंड नीरज और इंदु हैं. इसके तार दिल्ली और हरियाणा से जुड़े हुए हैं.