कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार गठन के बाद राज्य के सीएम सुवेंदु अधिकारी का एक्शन मोड देखने को मिल रहा है और वो एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं. राज्य की नई बीजेपी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में ही उन्होंने जनकल्याण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई फैसले लिए, जिसके बाद अब उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए बड़ा कदम उठाया है.
दरअसल, सीएम सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वो अपने हिसाब से फैसले ले सकते हैं. सीएम के इस निर्देश का स्पष्ट मतलब है कि अब बीजेपी राज में राज्य के अधिकारियों को फैसले लेने की खुली छूट मिल गई है, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल में कानून वयस्था से जुड़े मामलों में अधिकारियों की सख्ती देखने को मिल सकती है और ताबड़तोड़ एक्शन भी हो सकते हैं.
सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद सभी विभागों के सचिवों के साथ अहम बैठक में सीएम ने अधिकारियों को फैसले लेने की खुली छूट तो दी ही, साथ ही 'जी हुजूरी' न करने की भी हिदायत दी. सीएम के इस हिदायत का स्पष्ट मतलब है कि वो बंगाल में सरकार की कार्यसंस्कृति को पूरी तरह से बदलना चाहते हैं. पूर्वर्ती सरकारों पर जिस तरह से पुलिस और प्रशासन के राजनीतिकरण के आरोप लगते रहे हैं, नई सरकार के मुखिया सुवेंदु पुलिस और प्रशासन को इस इमेज से मुक्त करना चाहते हैं.
इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार सुबह नवनिर्मित बीजेपी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में कई प्रस्तावों को हरी झंडी दी. बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार की नई यात्रा शुरू हो चुकी है और राज्य को विकास के उसी रास्ते पर आगे बढ़ाया जाएगा, जिस मॉडल पर देश के अन्य बीजेपी शासित राज्य काम कर रहे हैं. उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों और 'जनता के लिए, जनता द्वारा, जनता की सरकार' के सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई.
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी केंद्रीय योजनाओं को शुरू करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने का ऐलान किया गया. साथ ही BJP के लिए बलिदान देने वाले 321 कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई. सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा, नई भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक सुधारों पर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बंगाल में केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा.