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सरकारी स्कूलों में हफ्ते में एक दिन मिलेगी चिकन बिरयानी? तमिलनाडु सरकार कर रही बड़े प्रस्ताव पर विचार

तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय लेंगे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
सरकारी स्कूलों में हफ्ते में एक दिन मिलेगी चिकन बिरयानी? तमिलनाडु सरकार कर रही बड़े प्रस्ताव पर विचार
Courtesy: @KarthikSwaG09

तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है. स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सामने प्रस्ताव रखा है कि छात्रों को सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी परोसी जाए. फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और सरकार ने अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. यदि इसे मंजूरी मिलती है तो यह राज्य की स्कूल पोषण योजना में हाल के वर्षों का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा.

पोषण योजना की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश

राजमोहन ने कहा कि तमिलनाडु में हर दौर की सरकार ने स्कूल पोषण योजना को मजबूत बनाने का काम किया है. उनके अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज ने मिड-डे मील योजना की शुरुआत की थी, जबकि एम. करुणानिधि ने इसमें अंडे शामिल किए. बाद में एम.जी. रामचंद्रन ने इसे पौष्टिक भोजन योजना का रूप दिया और जे. जयललिता ने सप्ताहभर अंडे उपलब्ध कराने की व्यवस्था का विस्तार किया. उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी भी छात्रों के भोजन का हिस्सा बने.

नाश्ते के मेन्यू में भी हो सकता है बदलाव

मंत्री ने केवल दोपहर के भोजन ही नहीं, बल्कि स्कूलों में दिए जाने वाले नाश्ते के मेन्यू में भी बदलाव के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रति छात्र लगभग 15 रुपये का बजट उपलब्ध है. सरकार चाहती है कि बार-बार परोसे जाने वाले गेहूं और सूजी के उपमा जैसे व्यंजनों की जगह अधिक पौष्टिक और बच्चों की पसंद के अनुरूप विकल्प शामिल किए जाएं, ताकि भोजन की गुणवत्ता और आकर्षण दोनों बढ़ सकें.

पोषण और स्कूल उपस्थिति पर रहेगा फोकस

तमिलनाडु लंबे समय से देश में स्कूल पोषण योजनाओं का अग्रणी राज्य माना जाता है. वर्ष 2022 में तत्कालीन राज्य सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री नाश्ता योजना शुरू की थी, जिसे बाद में पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम नाम दिया गया. इस योजना के माध्यम से बच्चों को स्कूल में सुबह का पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध कराया जाने लगा. सरकार का मानना है कि बेहतर भोजन से बच्चों के स्वास्थ्य के साथ-साथ स्कूलों में उपस्थिति भी बढ़ती है.

अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के हाथ में

सरकारी सूत्रों के अनुसार, चिकन बिरयानी को मिड-डे मील में शामिल करने का प्रस्ताव फिलहाल मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विचाराधीन है. यदि इसे मंजूरी मिलती है तो राज्य की पोषण योजना में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख या अंतिम घोषणा नहीं की गई है.