फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश सामने आया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगभग 16 महीने बाद आमने-सामने मुलाकात हुई. इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक सहयोग और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की. बातचीत के बाद ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से भारत और प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है.
जी-7 सम्मेलन के इतर हुई इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. हाल के महीनों में व्यापार शुल्क, आव्रजन नियमों और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद देखने को मिले थे. इसके बावजूद ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध बेहद मजबूत हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है और दोनों नेतृत्व स्तर पर भी एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बनाए हुए हैं. ट्रंप ने बातचीत को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती आने की संभावना है.
#WATCH | Evian, France: On India's energy purchase from the US, US President Donald Trump says, "India can do anything they want with us. We have the best relationship. We cannot be closer than we are - both him and I, and our nations. But it really starts with the two of us, we… pic.twitter.com/TV2mNQWPzx
— ANI (@ANI) June 17, 2026
बैठक के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व शैली और वार्ता कौशल की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि मोदी एक मजबूत वार्ताकार हैं और भारत उनके नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है. ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यदि मोदी के नेतृत्व में किसी ने भारत पर हमला किया तो अमेरिका मदद के लिए मौजूद रहेगा. उनके इस बयान को भारत के प्रति समर्थन और रणनीतिक विश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. इस टिप्पणी ने बैठक को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया.
Trump: If India was attacked, America will be there to help
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) June 17, 2026
Trump looks at a laughing Modi: Is that a good statement?
Trump: If anyone attacks Modi we will be there. But if there is another leader in India, then I don't know pic.twitter.com/JGM1m4Cxyy
भारत और अमेरिका के बीच कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं जिन पर अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है. इनमें व्यापारिक शुल्क, क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य नीतिगत विषय शामिल हैं. हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की थी. जी-7 सम्मेलन में हुई यह मुलाकात उन प्रयासों की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य संबंधों को और स्थिर तथा मजबूत बनाना है.
बैठक के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा स्पष्ट दिखाई दी. ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच संवाद को नई गति मिल सकती है. हालांकि कुछ मतभेद अब भी बने हुए हैं, लेकिन दोनों पक्ष सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आए. यही कारण है कि इस मुलाकात को आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है.