नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश को लेकर सोशल मीडिया पर चीन की कथित बढ़ती घुसपैठ के दावों के बीच सरकार की ओर से सफाई सामने आई है. सरकारी सूत्रों ने ऐसे दावों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि सीमा के कुछ हिस्से अभी निर्धारित नहीं हैं, लेकिन निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत है.
सरकारी सूत्रों ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से किसी तरह की ‘धीमी घुसपैठ’ नहीं हो रही है. सोशल मीडिया पर इस संबंध में प्रसारित दावों को उन्होंने बिना ठोस जानकारी के किया गया प्रचार बताया. भारत-चीन सीमा के कुछ हिस्सों का अभी तक पूर्ण सीमांकन नहीं हुआ है. ऐसे क्षेत्रों में दोनों देशों के गश्ती दलों का आमना-सामना हो सकता है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तय व्यवस्थाएं और प्रोटोकॉल मौजूद हैं.
In response to social media posts on Arunachal Pradesh, Sources said -
"There is no slow encroachment in Arunachal Pradesh by China as alleged.
*China has claims on Arunachal as South Tibet, articulated in 1960 border talks, wherein they claimed approx 69,000 sq km of the… pic.twitter.com/GthVEmpgk1— ANI (@ANI) August 11, 2026Also Read
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं. सुरक्षा बलों को सीमावर्ती गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का जवाब देने के लिए तैयार रखा गया है. सरकार का कहना है कि सीमा की वास्तविक स्थिति को समझे बिना बड़े दावे करना उचित नहीं है. हाल के वर्षों में सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास से गश्त और निगरानी की क्षमता भी बढ़ी है.
अरुणाचल प्रदेश पर चीन लंबे समय से अपना दावा करता रहा है और इसे ‘दक्षिण तिब्बत’ कहता है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि 1960 की सीमा वार्ताओं के दौरान चीन ने अरुणाचल प्रदेश के करीब 69 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर दावा जताया था. 1959 में लोंगजू में असम राइफल्स की चौकी पर भी चीनी हमला हुआ था. 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान कामेंग, सुबनसिरी, सियांग और लोहित घाटियों में भी सैन्य कार्रवाई हुई थी.
#WATCH | Delhi | On ANI question regarding China's response on Arunachal Pradesh, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "Arunachal is inalienable and integral part of India and this is a fact which is self-evident. At the same time, let me also underline that nothing can change… pic.twitter.com/aPAKQ4swiP
— ANI (@ANI) August 11, 2026
अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की ओर से लगातार किए जाने वाले दावों के बीच भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट रखी है. विदेश मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. चीन द्वारा वहां के स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों को भी भारत खारिज करता रहा है. भारत ने 27 स्थानों के आधिकारिक नाम भी दर्ज किए हैं. चीन 2017, 2021 और 2023 में कई स्थानों के लिए अलग नाम जारी कर चुका है, लेकिन भारत का कहना है कि इस तरह के एकतरफा नामकरण से जमीन पर वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती.