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India Daily

अरुणाचल पर चीन की ‘घुसपैठ’ का दावा निकला फर्जी, सरकार ने सोशल मीडिया के दावों पर दी बड़ी सफाई

सरकारी सूत्रों ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित धीमी घुसपैठ के दावों को खारिज किया है. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर बिना ठोस प्रमाण ऐसे दावे केवल सनसनी फैलाते हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अरुणाचल पर चीन की ‘घुसपैठ’ का दावा निकला फर्जी, सरकार ने सोशल मीडिया के दावों पर दी बड़ी सफाई
Courtesy: ai generated

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश को लेकर सोशल मीडिया पर चीन की कथित बढ़ती घुसपैठ के दावों के बीच सरकार की ओर से सफाई सामने आई है. सरकारी सूत्रों ने ऐसे दावों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि सीमा के कुछ हिस्से अभी निर्धारित नहीं हैं, लेकिन निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत है.

चीन की ‘धीमी घुसपैठ’ के दावे पर सरकार की सफाई

सरकारी सूत्रों ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से किसी तरह की ‘धीमी घुसपैठ’ नहीं हो रही है. सोशल मीडिया पर इस संबंध में प्रसारित दावों को उन्होंने बिना ठोस जानकारी के किया गया प्रचार बताया. भारत-चीन सीमा के कुछ हिस्सों का अभी तक पूर्ण सीमांकन नहीं हुआ है. ऐसे क्षेत्रों में दोनों देशों के गश्ती दलों का आमना-सामना हो सकता है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तय व्यवस्थाएं और प्रोटोकॉल मौजूद हैं.

सेना और ITBP की निगरानी पर जोर

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं. सुरक्षा बलों को सीमावर्ती गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का जवाब देने के लिए तैयार रखा गया है. सरकार का कहना है कि सीमा की वास्तविक स्थिति को समझे बिना बड़े दावे करना उचित नहीं है. हाल के वर्षों में सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास से गश्त और निगरानी की क्षमता भी बढ़ी है.

अरुणाचल पर चीन के पुराने दावे का क्या है मामला

अरुणाचल प्रदेश पर चीन लंबे समय से अपना दावा करता रहा है और इसे ‘दक्षिण तिब्बत’ कहता है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि 1960 की सीमा वार्ताओं के दौरान चीन ने अरुणाचल प्रदेश के करीब 69 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर दावा जताया था. 1959 में लोंगजू में असम राइफल्स की चौकी पर भी चीनी हमला हुआ था. 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान कामेंग, सुबनसिरी, सियांग और लोहित घाटियों में भी सैन्य कार्रवाई हुई थी.

भारत ने फिर दोहराया- अरुणाचल अभिन्न हिस्सा

अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की ओर से लगातार किए जाने वाले दावों के बीच भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट रखी है. विदेश मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. चीन द्वारा वहां के स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों को भी भारत खारिज करता रहा है. भारत ने 27 स्थानों के आधिकारिक नाम भी दर्ज किए हैं. चीन 2017, 2021 और 2023 में कई स्थानों के लिए अलग नाम जारी कर चुका है, लेकिन भारत का कहना है कि इस तरह के एकतरफा नामकरण से जमीन पर वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती.