कश्मीर के दूरदराज पहाड़ी क्षेत्र गुरेज की तुलैल घाटी बुधवार को अचानक आई प्राकृतिक आपदा से दहल उठी. बांदीपोरा जिले के तरतेई किलो गांव में बादल फटने के बाद तेज बहाव के साथ पानी और मलबा गांव में घुस गया. देखते ही देखते हालात बाढ़ जैसे बन गए और लोगों में दहशत फैल गई. कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा. प्रशासन ने राहत और निगरानी कार्य शुरू कर दिया है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
बादल फटने के बाद गांव में अचानक पानी का स्तर बढ़ने लगा और तेज बहाव के साथ मलबा भी आबादी वाले हिस्सों तक पहुंच गया. हालात इतने तेजी से बदले कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. स्थानीय निवासियों ने अपने बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को सुरक्षित निकालने की कोशिश की और ऊंचे स्थानों की ओर भागे. कई घंटों तक पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा. ग्रामीणों के अनुसार, पानी का दबाव इतना अधिक था कि कई मकानों की दीवारों और आसपास की संरचनाओं को नुकसान पहुंचा.
इस घटना से दर्जनों रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा है. कई घरों में पानी और मलबा भर गया, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया. इसके अलावा सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि भी पानी की चपेट में आ गई. खेतों में खड़ी फसल और खेती से जुड़ी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि खेती यहां की आजीविका का प्रमुख साधन है, इसलिए इस नुकसान का असर लंबे समय तक महसूस किया जा सकता है. प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है.
हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में बादल फटने की कई घटनाएं सामने आई हैं. इससे पहले रियासी जिले के बथोई क्षेत्र में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जहां कई मकानों को नुकसान पहुंचा था. वहीं डोडा, किश्तवाड़ और पुंछ जिलों में भी बादल फटने के मामलों के बाद अचानक बाढ़ और सड़क अवरोध जैसी स्थितियां बनी थीं. लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है और मौसम से जुड़ी चुनौतियों को फिर उजागर किया है.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए. अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो राहत की बात है. अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की अपील की है. राहत एवं पुनर्स्थापना कार्य लगातार जारी हैं और हालात को नियंत्रण में रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.