नई दिल्ली: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताते हुए कहा कि इस समझौते के साथ दो अरब लोगों का एक विशाल फ्री ट्रेड जोन तैयार हो गया है. उनका कहना है कि यह समझौता भारत और यूरोप के रिश्तों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है.
मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोप आज इतिहास रच रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों पक्षों को बड़ा लाभ मिलेगा और यह केवल शुरुआत है. उनके मुताबिक आने वाले समय में भारत और यूरोपीय संघ का रणनीतिक संबंध और मजबूत होगा.
Europe and India are making history today.
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) January 27, 2026
We have concluded the mother of all deals.
We have created a free trade zone of two billion people, with both sides set to benefit.
This is only the beginning.
We will grow our strategic relationship to be even stronger. pic.twitter.com/C7L1kQQEtr
इस घोषणा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की. इस बैठक में व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi holds delegation-level talks with the President of the European Commission, Ursula Von Der Leyen and the President of the European Council, António Luís Santos da Costa, at Hyderabad House in Delhi.
— ANI (@ANI) January 27, 2026
(Source: DD) pic.twitter.com/zn4ygZLZAR
गौरतलब है कि इससे एक सप्ताह पहले स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान भी उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते के संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं. उन्होंने तब भी इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा था.
भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता वर्ष 2007 में शुरू हुई थी. कई कारणों से यह बातचीत बीच में रुक गई थी, लेकिन जून 2022 में इसे दोबारा शुरू किया गया. अब दोनों पक्षों के बीच इस समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है.
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 135 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा. इस मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार और निवेश में और तेजी आने की उम्मीद है.
सूत्रों के अनुसार इस समझौते के साथ ही भारत और यूरोपीय संघ रक्षा सहयोग से जुड़ा एक नया ढांचा और 2026 से 2030 तक का रणनीतिक एजेंडा भी पेश कर सकते हैं. इसके अलावा औद्योगिक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षा सूचना समझौते पर बातचीत शुरू होने की संभावना है.