menu-icon
India Daily

ग्लोबल उथल-पुथल के बीच भारत-ईयू के बीच FTA समझौता तय, जानें पीएम मोदी ने क्यों बताया 'मदर ऑफ ऑल डील'

भारत और यूरोपियन संघ के बीच कई दिनों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर चर्चा जारी है, जिसपर आज औपचारिक रूप से मुहर लगाने की तैयारी लगभग फाइनल हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील पर खुशी जाहिर करते हुए इसे भारत के लिए फायदेमंद बताया है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
ग्लोबल उथल-पुथल के बीच भारत-ईयू के बीच FTA  समझौता तय, जानें पीएम मोदी ने क्यों बताया 'मदर ऑफ ऑल डील'
Courtesy: X ( Erik Solheim @ErikSolheim)

नई दिल्ली: भारत और यूरोपियन संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA ) आज यानी मंगलवार को लगभग फाइनल हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील की तारीफ करते हुए इसे 'मदर ऑफ ऑल डील' बताया है. इस डील से उन भारतीय एक्सपोर्टर्स के को राहत मिलने की संभावना है, जिन्हें अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ की वजह से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. 

पीएम मोदी ने इस डील पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह डील ग्लोबल GDP का 25% हिस्सा दिखाती है और इससे भारत के मैन्युफैक्चरर्स और सर्विस स्टाफ को काफी फायदा मिलने का अनुमान है. इस डील पर साइन होने से भारत की ट्रेड डिप्लोमेसी को बड़ा फायदा मिल सकता है. 

पीएम मोदी ने क्यों बताया मदर ऑफ ऑल डील?

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी दिल्ली में आयोजित 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से पहले सामने आई है. इस शिखर बैठक में पीएम मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद रहेंगे. इस सम्मेलन को इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि इसे लेकर 2017 से चर्चा की जा रही है, 11 साल पहले शुरू हुए इस समझौते पर अब बात नहीं है और इसकी औपचारिक समापन की घोषणा की जा रही है.

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को पुष्टि की कि दोनों पक्षों ने सभी प्रमुख मुद्दों पर सहमति बना ली है और समझौते की औपचारिक घोषणा मंगलवार, 27 जनवरी को की जाएगी. उन्होंने बताया कि समझौते के सेक्शन की कानूनी जांच के बाद इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें पांच से छह महीने का समय लग सकता है. इसके बाद औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे.

सालों की मेहनत सफल

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी ने इस साझेदारी को और मजबूती दी. परेड में मुख्य अतिथियों में शामिल वॉन डेर लेयेन ने भारत के विकास को वैश्विक स्थिरता से जोड़ते हुए कहा कि एक मजबूत और सफल भारत पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भारत की प्रगति दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाती है.

इस ऐतिहासिक सौदे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खासा ध्यान खींचा है. हालांकि अमेरिका इस डील से खुश नजर नहीं आ रहा है. अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं के बीच इस घटनाक्रम पर चिंता जताई है. उन्होंने भारत से रिफाइंड रूसी तेल उत्पादों की यूरोप द्वारा लगातार खरीद की आलोचना करते हुए इसे भू-राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बताया है.