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India Daily

भारत में टैक्स कलेक्शन ने लगाई लंबी छलांग, 7.2% की बढ़त के साथ 22.80 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा

केंद्र सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 17 मार्च तक बढ़कर 22.80 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7.2 प्रतिशत अधिक है. हालांकि, इस दौरान जारी किए गए रिफंड की राशि 4.34 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.86 प्रतिशत कम है.

KanhaiyaaZee
भारत में टैक्स कलेक्शन ने लगाई लंबी छलांग, 7.2% की बढ़त के साथ 22.80 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने बुधवार को जारी आंकड़ों में बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 17 मार्च 2026) के दौरान रिफंड के बाद केंद्र सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 22.80 लाख करोड़ रुपये रहा है. यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के संग्रह की तुलना में 7.2 प्रतिशत अधिक है. वहीं, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 27.14 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 4.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. इस दौरान रिफंड की राशि में गिरावट दर्ज की गई है.

चालू वित्त वर्ष में 17 मार्च तक कॉरपोरेट टैक्स का शुद्ध संग्रह 10.91 लाख करोड़ रुपये रहा है. यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 12.75 प्रतिशत अधिक है. अधिकारियों के अनुसार, कॉरपोरेट टैक्स में यह मजबूत वृद्धि आर्थिक गतिविधियों में तेजी और कंपनियों के बेहतर मुनाफे का संकेत देती है. इससे सरकार के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान मिला है.

व्यक्तिगत आयकर संग्रह का हाल

वहीं, दूसरी ओर गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह (जिसमें व्यक्तिगत आयकर शामिल है) 11.32 लाख करोड़ रुपये रहा. यह पिछले वर्ष की तुलना में केवल 2.7 प्रतिशत अधिक है. डेलॉयट इंडिया के पार्टनर रोहिंटन सिधवा का कहना है कि पिछले साल व्यक्तिगत करदाताओं को दी गई दरों में कटौती का असर अभी भी इस मद के संग्रह पर देखा जा रहा है.

रिफंड में कमी के कारण

इस वर्ष 1 अप्रैल से 17 मार्च के बीच कुल 4.34 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए. यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि (4.61 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में 5.86 प्रतिशत कम है. कर अधिकारियों ने इसे संरचनात्मक और प्रक्रियागत कारकों से जोड़ा है. उनका कहना है कि रिटर्न दाखिल करने के तरीके में बदलाव और सिस्टम आधारित जांच से फर्जी रिफंड के दावों पर अंकुश लगा है.

एसटीटी संग्रह में वृद्धि

शेयर बाजार में लेन-देन पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) के संग्रह में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चालू वित्त वर्ष में 17 मार्च तक एसटीटी संग्रह 55,717 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 53,095 करोड़ रुपये की तुलना में 4.9 प्रतिशत अधिक है. विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में बढ़ती सहभागिता के कारण यह आंकड़ा बेहतर हुआ है.