नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी गलियारों में गठबंधन को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. इसी बीच 'तमिलगा वेट्रि कषगम' (TVK) के अध्यक्ष विजय ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जाने की चर्चाओं पर पूर्णविराम लगा दिया है. मामल्लापुरम में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी टीम का हिस्सा नहीं है, बल्कि वह केवल जनता की टीम के लिए काम कर रही है. विजय ने विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे सैंडर कैंपेन की भी कड़ी आलोचना की है.
विजय ने कहा कि राजनीति में उनके प्रवेश के समय से ही अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि उनकी पार्टी किसी दूसरे दल की 'प्रॉक्सी' है. उन्होंने इसे एक सुनियोजित दुष्प्रचार बताया. उनके अनुसार, विरोधी पहले उनकी पहचान को लेकर भ्रम फैलाते थे और अब गठबंधन को लेकर झूठी खबरें गढ़ रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि उनकी टीम केवल राज्य की जनता है और किसी अन्य राजनीतिक गुट से उनका कोई संबंध नहीं है.
पार्टी की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए विजय ने 'धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि गठबंधन की खबरों से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है. उनके लिए सामाजिक न्याय केवल शब्द नहीं, बल्कि पार्टी की मूल आत्मा है. उन्होंने पहले भी राज्य सम्मेलन में यह स्पष्ट किया था कि उनकी राजनीति में सिद्धांतों के साथ समझौते की कोई जगह नहीं है और यह स्टैंड भविष्य में भी बना रहेगा.
विजय ने बड़े ही सरल शब्दों में कहा कि जब उनके विरोधियों के पुराने पैंतरे काम नहीं आए, तो उन्होंने गठबंधन की झूठी खबरें फैलाना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि यह सब जनता के मन में संदेह पैदा करने की कोशिश है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि वे किसी भी तरह के 'फाल्स प्रोपेगेंडा' पर विश्वास न करें. विजय के अनुसार, उनकी पार्टी की जड़ें जनता के विश्वास में हैं, न कि राजनीतिक जोड़-तोड़ में.
पार्टी अध्यक्ष ने न केवल गठबंधन की खबरों को नकारा, बल्कि सत्ता में आने पर अपनी पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा भी किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर जनता उन्हें मौका देती है, तो टीवीके खुद सरकार चलाएगी. उन्होंने ईश्वर के आशीर्वाद और लोगों के समर्थन पर भरोसा जताया. उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगे.