नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फालता क्षेत्र में एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल मच गई है. तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को पुलिस ने जांच के सिलसिले में इलाके में लाकर सार्वजनिक रूप से पैदल घुमाया. इस दौरान वह लोगों से माफी मांगते दिखाई दिए. अवैध वसूली और महिलाओं को धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे नेता के खिलाफ कार्रवाई अब चर्चा का विषय बन गई है.
सोमवार को पुलिस टीम जांच के लिए जहांगीर खान को फालता लेकर पहुंची. इस दौरान उन्हें हाफ पैंट में नंगे पैर कई घंटों तक इलाके में घुमाया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने कान पकड़कर और हाथ जोड़कर लोगों से माफी भी मांगी. इससे पहले 11 जून को भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जिसकी तस्वीरें और वीडियो काफी चर्चा में रहे थे.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जहांगीर खान पर अवैध वसूली, दबाव बनाने और महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने जैसे आरोप लगे हैं. इन्हीं शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गतिविधियों का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही.
पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष टीम ने 8 जून को उन्हें नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया था. अधिकारियों का मानना है कि वह राज्य से बाहर जाने की कोशिश में थे. उनके खिलाफ फालता थाने में सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं. गिरफ्तारी के बाद लगातार पूछताछ और जांच की प्रक्रिया जारी है.
विधानसभा चुनाव के दौरान जहांगीर खान ने खुद को एक प्रभावशाली और दबंग नेता के रूप में पेश किया था. चुनाव प्रचार में उन्होंने लोकप्रिय फिल्मी संवादों का भी इस्तेमाल किया. हालांकि चुनावी विवादों के बाद क्षेत्र में दोबारा मतदान हुआ और नतीजों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उनकी सार्वजनिक गतिविधियां काफी कम हो गई थीं.