नई दिल्ली: भाजपा से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा. वीडियो में उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को तानाशाह कहने वालों की धारणा वास्तविकता से मेल नहीं खाती. साथ ही उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल के कई पुराने घटनाक्रमों का हवाला देकर अपनी बात रखने की कोशिश की.
शहजाद पूनावाला ने वीडियो की शुरुआत यह कहते हुए की कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निराश हैं. इसके बाद उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि 12 साल सत्ता में रहने के बावजूद मोदी तानाशाह नहीं बन सके. उन्होंने हाल ही में बच्चों को माफ करने की प्रधानमंत्री की अपील का भी उल्लेख किया और इसे अपने तर्क का आधार बनाया.
वीडियो में पूनावाला ने राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कई पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग राज्यों में सोशल मीडिया पोस्ट और राजनीतिक विरोध के मामलों में कार्रवाई हुई. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान लागू आपातकाल और विभिन्न आंदोलनों के दौरान हुई सरकारी कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया.
PM @narendramodi YOU FAILED 😞
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) August 1, 2026
So disappointed ☹️
Never ever expected this.
Watch the Truth till the end https://t.co/hE724ESB16 pic.twitter.com/CHOfRaq367
पूनावाला का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा शुरू हो गई. समर्थकों और विरोधियों ने अपने-अपने नजरिए से इस पर प्रतिक्रिया दी. वीडियो में उन्होंने कई राजनीतिक उदाहरणों के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की, जिससे यह राजनीतिक बहस का नया विषय बन गया.
शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी. पार्टी अध्यक्ष चुनाव को लेकर मतभेद सामने आने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी. इसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिने जाने लगे. हाल ही में उन्होंने भाजपा से भी इस्तीफा देकर नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया.
भाजपा से अलग होने के बाद जारी किए गए इस वीडियो को कई राजनीतिक जानकार उनके अगले कदम के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं. हालांकि पूनावाला ने अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है. फिलहाल उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस का केंद्र बना हुआ है.