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NEET Re-Exam Scam: पेपर लीक का झांसा देकर छात्रों से करोड़ों की ठगी, Telegram गैंग का भंडाफोड़

री-नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र दिलाने का झांसा देकर छात्रों और अभिभावकों से ठगी करने वाले कथित साइबर नेटवर्क का अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है. राजस्थान से दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच कई राज्यों तक पहुंच गई है.

KanhaiyaaZee
NEET Re-Exam Scam: पेपर लीक का झांसा देकर छात्रों से करोड़ों की ठगी, Telegram गैंग का भंडाफोड़
Courtesy: ChatGpt

नई दिल्ली: री-नीट परीक्षा को लेकर फैली चिंता और प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाकर छात्रों व अभिभावकों को निशाना बनाने वाले एक कथित साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए परीक्षा का प्रश्नपत्र और गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने का दावा कर लोगों से पैसे ऐंठने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि यह प्रश्नपत्र लीक का नहीं, बल्कि साइबर धोखाधड़ी का मामला है.

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि कुछ लोग टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से री-नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की. जांच के दौरान कई डिजिटल सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई.

छात्रों और अभिभावकों को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार आरोपी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके परिवारों को विज्ञापनों, संदेशों और ऑनलाइन पोस्ट के जरिए प्रभावित करते थे. वे दावा करते थे कि उनके पास परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी है. विश्वास जीतने के बाद प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे मांगे जाते थे. भुगतान मिलते ही आरोपी संपर्क समाप्त कर देते थे.

राजस्थान से दो आरोपी गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान के जयपुर और कोटा से सुमेर सिंह मीणा और आकाश मीणा को गिरफ्तार किया. अधिकारियों के मुताबिक दोनों विभिन्न टेलीग्राम चैनलों का संचालन कर रहे थे. पुलिस का दावा है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को भ्रमित किया गया और आर्थिक लाभ कमाया गया.

बैंक खातों और वेबसाइटों की जांच

साइबर क्राइम ब्रांच को आरोपियों से जुड़े छह बैंक खातों और कई डिजिटल माध्यमों की जानकारी मिली है. जांच में 44 वेबसाइट और कई टेलीग्राम समूहों का भी पता चला है. पुलिस का आरोप है कि इन माध्यमों का उपयोग न केवल परीक्षा से जुड़ी ठगी बल्कि निवेश संबंधी धोखाधड़ी के लिए भी किया जाता था.

कई राज्यों तक पहुंची जांच

संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने स्पष्ट किया कि री-नीट प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि आरोपियों ने केवल झूठे दावे कर लोगों को ठगा. पुलिस अब राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं.