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तमिलनाडु के 'बॉस' बने थलपति विजय, कल सुबह 10 बजे लेंगे CM पद की शपथ

तमिलनाडु की राजनीति में कई दिनों से चला सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया. टीवीके प्रमुख विजय को वीसीके और आईयूएमएल का समर्थन मिलने के बाद बहुमत मिल गया है. अब वे रविवार सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
तमिलनाडु के 'बॉस' बने थलपति विजय, कल सुबह 10 बजे लेंगे CM पद की शपथ
Courtesy: X

तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय के लिए सत्ता का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है. कई दिनों तक चली राजनीतिक हलचल, समर्थन जुटाने की कोशिशों और राज्यपाल से लगातार बैठकों के बाद टीवीके गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गया. वीसीके और आईयूएमएल ने बिना शर्त समर्थन देकर तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है. अब विजय रविवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इस समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं.

खत्म हुआ इंतजार

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद से ही राज्य में सरकार गठन को लेकर असमंजस बना हुआ था. टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी लेकिन अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा उसके पास नहीं था. पिछले तीन दिनों से विजय लगातार सहयोगी दलों और राज्यपाल से बातचीत में जुटे हुए थे.

शनिवार को स्थिति पूरी तरह बदल गई. वीसीके और आईयूएमएल ने उन्हें समर्थन देने का फैसला किया. दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं. इनके जुड़ने के बाद विजय के समर्थन में कुल 120 विधायक हो गए. इसके बाद राज्यपाल ने सरकार गठन की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी.

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मिली हरी झंडी

शनिवार शाम विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपा. सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान सरकार गठन और शपथ ग्रहण की तारीख पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके बाद राज्यपाल ने टीवीके को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया. विजय को 13 मई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश भी दिया गया है.सीएम पद की शपथ के लिए रविवार सुबह 10 बजे का समय तय किया गया. इस फैसले के बाद चेन्नई में टीवीके समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया.

कांग्रेस और वामदलों ने भी निभाई अहम भूमिका

सरकार गठन में कांग्रेस और वामदलों की भूमिका भी काफी अहम रही. चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस ने सबसे पहले डीएमके से दूरी बनाकर विजय को समर्थन देने का फैसला किया था. कांग्रेस के पांच विधायक टीवीके गठबंधन के साथ आए. वहीं वामदलों के चार विधायकों ने भी समर्थन दिया. 

शुरुआत में वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन नाराज बताए जा रहे थे, क्योंकि समर्थन मांगने के तरीके को लेकर उनकी आपत्ति थी. हालांकि बाद में टीवीके नेताओं की मुलाकात के बाद मामला सुलझ गया. इसके साथ ही गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार कर गया.