8 मई 2026 की शाम ओडिशा और बंगलादेश के आसमान में दिखाई दी एक चमकीली लकीर ने पूरे भारत में चर्चा छेड़ दी. कई लोगों ने इसे धूमकेतु, UFO या किसी गुप्त सैन्य प्रयोग से जोड़कर देखा. यह रोशनी इतनी दूर तक दिखाई दी कि बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से भी लोगों ने इसके वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए. अब यह सोशल मीडियो पर जमकर वायरल हो रहा है.
आसमान में दिखी रहस्यमयी रोशनी
शुक्रवार शाम जैसे ही ओडिशा के तटीय इलाकों में अंधेरा बढ़ना शुरू हुआ. लोगों की नजर अचानक आसमान में दौड़ती एक चमकीली वस्तु पर टिक गई. लंबी नारंगी और सफेद पूंछ के साथ तेज रफ्तार से आगे बढ़ती यह रोशनी कुछ देर तक साफ दिखाई देती रही. सोशल मीडिया पर कुछ ही मिनटों में वीडियो वायरल हो गए. कई लोगों ने इसे किसी हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण बताया. वहीं कुछ ने इसे एलियंस से जुड़ा बताया. कॉक्स बाजार और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों से भी इस दृश्य की पुष्टि हुई. लोगों के बीच उत्सुकता इतनी ज्यादा थी कि देर रात तक इंटरनेट पर यही चर्चा चलती रही कि आखिर यह क्या है.
रक्षा मंत्रालय ने खोला रहस्य
कुछ समय बाद इसका राज खुल गया. असल में यह चांदीपुर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण था. यह परीक्षण खास इसलिए था क्योंकि इसमें MIRV तकनीक का इस्तेमाल हुआ. इस तकनीक की मदद से एक ही मिसाइल कई वॉरहेड लेकर उड़ सकती है और अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती है. बताया गया कि परीक्षण के दौरान कई पेलोड को हिंद महासागर क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में भेजा गया. यहीं वो चम्तकारिक लाइट थी, जिससे कई लोग आकर्षित हुए थे.