Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. ऐसे में सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रहे AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के 19 मार्च को हुए दिल्ली दौरे के बाद सीट-शेयरिंग का फाइनल ब्लूप्रिंट लगभग तैयार हो चुका है. इस बार सत्तारूढ़ DMK को टक्कर देने के लिए AIADMK एक बेहद आक्रामक और नई रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रही है. पूरे देश की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं. अब देखना यह है कि क्या AIADMK का यह ज्यादा सीटों वाला मास्टरप्लान उन्हें तमिलनाडु की सत्ता में वापस ला पाएगा या नहीं.
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 है. सूत्रों के मुताबिक, AIADMK इस बार 160 से 170 सीटों पर अकेले ताल ठोकने की तैयारी में दिख रही हैं. इसके पीछे का गणित बिल्कुल साफ है, पार्टी सरकार बनाने के लिए सहयोगियों के ब्लैकमेल या अत्यधिक निर्भरता से बचना चाहती है. मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किए जा रहे पलानीस्वामी ने 200 से अधिक सीटें जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है.
इस बार सहयोगियों के कोटे में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
BJP का बढ़ा कद: भारतीय जनता पार्टी को इस बार बड़ा फायदा होता दिख रहा है. पार्टी लगभग 30 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जो 2021 के मुकाबले करीब 10 सीटें ज्यादा है.
PMK: अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली पट्टाली मक्कल काची को 17 सीटें आवंटित होने की संभावना है.
AMMK की वापसी: टी.टी.वी. दिनाकरन की अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम को गठबंधन में शामिल करते हुए लगभग 9 सीटें दी जा सकती हैं.
TMC: पूर्व केंद्रीय मंत्री जी.के. वासन की तमिल मानिला कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.
छोटे दल: कई छोटे क्षेत्रीय दल अपने सिंबल के बजाय AIADMK के मशहूर दो पत्ती या BJP के 'कमल' निशान पर लड़ते नजर आएंगे.
यह नया फॉर्मूला 2021 की चुनावी हार से लिया गया एक बड़ा सबक है. पिछले चुनावों में AIADMK ने 179 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह केवल 66 सीटें ही जीत पाई थी. BJP ने 20 में से 4 और PMK ने 23 में से 5 सीटें जीती थी. पूरा NDA गठबंधन मात्र 75 सीटों पर सिमट गया था, जबकि DMK ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था.
तमिलनाडु का यह चुनाव देश के एक बड़े चुनावी चक्र का हिस्सा है. राज्य की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. इसके अलावा, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है.