नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को सख्त चेतावनी दी. कोर्ट ने कहा कि पेपर लीक की एक के बाद एक गलतियों को अब तुरंत रोकना होगा. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच ने कहा कि हम इस मामले पर बहुत ध्यान से नजर रखेंगे और नियमित रूप से फॉलो-अप करेंगे.
कोर्ट ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सारी व्यवस्था मजबूत और इंस्टीट्यूशनलाइज्ड हो जाए.” सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा (ऑनलाइन मोड) में पूरी तरह कैसे जाएंगे और डाटा की सुरक्षा कैसे करेंगे?
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है. उन्होंने कोर्ट से कुछ और समय मांगा जिससे पूरी स्थिति पर विस्तार से रिपोर्ट पेश की जा सके. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है.
The Supreme Court heard petitions related to the NEET paper leak. The government assured the court that comprehensive reforms will be implemented in the examination system. Solicitor General Tushar Mehta said the entire process, from printing to distribution, will be placed… pic.twitter.com/PzKjfLJidP
— IANS (@ians_india) July 24, 2026
तुषार ने कहा कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू किया जा रहा है और कंप्यूटर-आधारित परीक्षाओं, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी एक हलफनामे में दी जाएगी. कोर्ट ने पूछा कि क्या NEET को पूरी तरह से कंप्यूटर-आधारित बनाया जा सकता है और डेटा सुरक्षा व साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी मांगी. अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.