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ओडिशा के आंगनवाड़ी केंद्र में 5 साल की बच्ची के साथ रेप! गांव वालों का फूंटा गुस्सा

ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक साढ़े चार साल की नाबालिग बच्ची के साथ गांव के ही व्यक्ति द्वारा कथित छेड़छाड़ और बलात्कार की जघन्य घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. आरोपी ने बच्ची को आंगनवाड़ी केंद्र से चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले जाकर कथित अपराध को अंजाम दिया.

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Edited By: Shanu Sharma
ओडिशा के आंगनवाड़ी केंद्र में 5 साल की बच्ची के साथ रेप! गांव वालों का फूंटा गुस्सा
Courtesy: Pinterest

ओडिशा के मयूरभंज जिले में 5 साल की नाबालिग बच्ची के साथ कथित छेड़छाड़ और बलात्कार की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. घटना आंगनवाड़ी केंद्र में हुई, जहां बच्ची अपनी नियमित कक्षा में शामिल थी. इस जघन्य अपराध ने स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है.

पुलिस और परिवार के अनुसार, आरोपी चमका पालेया गांव का ही निवासी है. वह आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचा और बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले गया. घर के अंदर ले जाकर आरोपी ने कथित तौर पर अपराध को अंजाम दिया. सदमे में बच्ची कुछ देर बाद घर लौटी और अपनी मां को पूरी घटना बताई.

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

परिवार ने तुरंत इसकी जानकारी गांव के बुजुर्गों को दी. गांव के बड़े-बुजुर्गों ने मामले की चर्चा के लिए अनौपचारिक बैठक बुलाई, जिसमें आरोपी ने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया. हालांकि, पीड़िता की मां ने स्थानीय स्तर पर समझौते की कोशिशों को अस्वीकार करते हुए सीधे बिशोई पुलिस स्टेशन पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.

शिकायत मिलते ही पुलिस ने चमका पालेया को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी. स्टेशन अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच और जरूरी मेडिकल परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं. आरोपी को जल्द ही POCSO कोर्ट में धारा 164/26 के तहत पेश किया जाएगा. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सबूतों को मजबूत बनाने की प्रक्रिया चल रही है. अधिकारी सुनिश्चित कर रहे हैं कि अपराधी को सख्त से सख्त सजा मिले.

स्थानीय लोगों का फूंटा गुस्सा

इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है. स्थानीय निवासी आरोपी के लिए कड़ी कानूनी सजा की मांग कर रहे हैं और बच्ची व परिवार को न्याय दिलाने की अपील कर रहे हैं. कई लोगों ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुरक्षित जगह पर भी ऐसी घटना होना बेहद चिंताजनक है. यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा और आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी बच्चियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता, सीसीटीवी कैमरे और नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है. पीड़िता परिवार को मनोवैज्ञानिक सहायता मुहैया कराई जा रही है. जिला प्रशासन ने मामले पर नजर रखने का आश्वासन दिया है. यह मामला एक बार फिर समाज में नाबालिग बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों और उनके संरक्षण की चुनौतियों को उजागर करता है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद अधिक जानकारी सामने आने की संभावना है.