चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक में राहुल गांधी ने 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, EVM में हेरफेर और वोटर लिस्ट में बदलाव का दावा किया. इसके बाद बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पूछा कि जिन राज्यों में बीजेपी सत्ता में नहीं है, वहां चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है.
राहुल गांधी ने CWC की बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर 'फर्जी' होने का दावा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले EVM में कथित हेरफेर की गई और उसके बाद वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया. राहुल गांधी ने 2014 और 2019 के चुनावों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि 2024 के चुनाव को लेकर उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं है.
#WATCH | Delhi | BJP National General Secretary Smriti Z Irani says, "...As a citizen, I would like to state that the Election Commission strengthens India's democratic framework and embodies the dignity of Indian democracy, a system admired and respected by many nations across… pic.twitter.com/WxvcTlca9V
— ANI (@ANI) September 29, 2026
कांग्रेस की CWC ने बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया. इसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की गई. पार्टी ने SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल रोकने और हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने की मांग रखी. राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर दूसरे विपक्षी दलों को साथ लेकर शांतिपूर्ण विरोध करेगी.
बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग को निशाना बना रही है. ईरानी ने कर्नाटक, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों का संदर्भ देते हुए पूछा कि जहां बीजेपी की सरकार नहीं है, वहां चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है.
स्मृति ईरानी ने वोटर लिस्ट से जुड़े कांग्रेस के दावों पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि अगर किसी मतदाता की मृत्यु हो चुकी है या किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक बार दर्ज है, तो ऐसे नामों को मतदाता सूची में बनाए रखने की मांग क्यों की जा रही है. उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के उस रुख का भी उल्लेख किया, जिसमें दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की बात कही गई है.