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India Daily

बांग्लादेश की शेख हसीना को वापस भेजने की मांग पर भारत ने दिया जवाब, बढ़ी सियासी हलचल

बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है. भारत ने अब इसका जवाब दिया है. इस मुद्दे को हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की भारत यात्रा के दौरान आधिकारिक तौर पर उठाया गया था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बांग्लादेश की शेख हसीना को वापस भेजने की मांग पर भारत ने दिया जवाब, बढ़ी सियासी हलचल
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इस मुद्दे को हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की भारत यात्रा के दौरान आधिकारिक तौर पर उठाया गया था, जिसके बाद भारत सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना पड़ा. 

शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए बांग्लादेश से मिली अर्जी पर फिलहाल विचार किया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के अधीन है.

भारत की ओर से और क्या कहा गया?

भारत ने यह भी दोहराया कि वह इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ा रहेगा. हालांकि भारत ने अभी तक प्रत्यर्पण के संबंध में कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी है और न ही कोई विशिष्ट प्रतिबद्धता जताई है.

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने क्या कहा?

मॉरीशस के पोर्ट लुइस में आयोजित '9वें हिंद महासागर सम्मेलन' के दौरान बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने पुष्टि की कि ढाका अपनी मांग पर दृढ़ है. विदेश मंत्री ने कहा कि नई BNP-नीत सरकार इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग उन कथित अपराधों के संबंध में की है, जो उन्होंने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ने से पहले किए थे.

द्विपक्षीय संबंधों का क्या पड़ा प्रभाव?

दिल्ली यात्रा के दौरान खलीलुर रहमान ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं. इन वार्ताओं के दौरान बांग्लादेश के नव-नियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा की संभावना पर भी चर्चा की गई. पिछले वर्ष की तरह ही भारत सरकार ने एक बार फिर बांग्लादेश की जनता के सर्वोत्तम हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

शेख हसीना लंबे समय से भारत की एक भरोसेमंद सहयोगी रही हैं. 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद वह भारत पहुंची थीं. तब से वह भारत में ही रह रही हैं. बांग्लादेश की नई सरकार के लिए उसका प्रत्यर्पण एक प्रमुख घरेलू राजनीतिक मुद्दा बन गया है. जबकि भारत के लिए यह एक कानूनी और कूटनीतिक रूप से जटिल मामला है.