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India Daily

'ये एक हादसा, इसमें कोई राजनीति नहीं...' , अजित पवार की विमान हादसे में मौत पर शरद पवार की सधी प्रतिक्रिया

अजित पवार की विमान हादसे में मौत के बाद उठ रही राजनीतिक साजिश की आशंकाओं को शरद पवार ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि  ये हादसा था और इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए. ममता, अखिलेश और गौरव गोगोई ने आशंका व्यक्त करते हुए जांच की मांग की थी.

Kanhaiya Kumar Jha
'ये एक हादसा, इसमें कोई राजनीति नहीं...' , अजित पवार की विमान हादसे में मौत पर शरद पवार की सधी प्रतिक्रिया
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: महाराष्ट्र्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार का आज सुबह विमान हादसे में निधन हो गया. ये हादसा तब हुआ, जब अजित पवार चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती जा रहे थे. बारामती पहुंचते ही उनका प्लेन क्रैश हो गया और प्लेन में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई. वहीं इस हादसे को लेकर व्यक्त की जा रही राजनीतिक साजिश की आशंकाओं पर अजित के चाचा शरद पवार ने पूर्ण विराम लगाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ये हादसा था और इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

शरद पवार ने अजित के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनकी मौत से न सिर्फ पवार परिवार और एनसीपी को नुकसान पहुंचा है, बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि राज्य ने आज एक ऐसा नेतृत्व खो दिया है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती. उन्होंने यह भी कहा कि  यह विमान हादसा पूरी तरह एक दुर्घटना है और इसमें किसी भी तरह की राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए. 

अजित की विमान हादसे में मौत पर क्या कहा ममता ने?

बता दें कि विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताते हुए इस दुर्घटना में राजनीतिक साजिश की आशंका जताई थी. उन्होंने दावा किया कि अजित पवार अपने चाचा शरद पवार के साथ वापस आने की योजना बना रहे थे, जिससे पहले यह घटना हो गई, लिहाजा इस घटना की सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व में विस्तृत जांच होनी चाहिए. सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी इस दुर्घटना की उचित और पारदर्शी जांच की मांग की थी.

महाराष्ट्र के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी था अजित का दबदबा

बता दें कि अजित पवार वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार में उप-मुख्यमंत्री थे. कभी शरद पवार की छत्रछाया में रहकर एनसीपी में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले अजित पवार ने उस समय सबको चौंका दिया था, जब उन्होंने शरद पवार से बगावत कर बीजेपी को अपना समर्थन दिया था. अजित पवार के महत्वाकांक्षा खुद की राजनीतिक पहचान बनाने की थी और इसमें वो सफल भी रहे. महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ जब उनका कद राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से बढ़ रहा था, ऐसे समय में उनका असमायिक निधन, निश्चित रूप से राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है.