नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों के परिवार के लोगों से मुलाकात की है. जिन्हें कतर में मौत की सजा सुनाई गई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए एस जयशंकर ने कहा "आज सुबह कतर में हिरासत में लिए गए 8 भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सरकार मामले को सर्वोच्च महत्व देती है. हम उन परिवारों की चिंताओं और दर्द को पूरी तरह से समझ रहे है. सरकार उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करना जारी रखेगी और उन परिवारों के साथ समन्वय स्थापित करेगी"
Met this morning with the families of the 8 Indians detained in Qatar.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) October 30, 2023
Stressed that Government attaches the highest importance to the case. Fully share the concerns and pain of the families.
Underlined that Government will continue to make all efforts to secure their release.…
कतर की इंटेलिजेंस एजेंसी कतर स्टेट सिक्योरिटी ने पिछले साल अगस्त में इन पूर्व अफसरों गिरफ्तार किया था. जिसके बाद कतर की कोर्ट ने भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई है. कतर की अदालत के इस फैसले पर भारत सरकार ने हैरानी जताई है. भारत सरकार कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश कर रही है. वह इस मामले में पीड़ितों के परिवारों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ परामर्श कर रही है. इस बीच पीड़ितों के परिवार वाले चाहते है कि कि पीएम मोदी खुद इस मामले में दखल दें और उनकी रिहाई के लिए हर मुमकिन कोशिश करें.
इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि भारत और कतर की सरकार ने अब तक सार्वजनिक तौर पर ये नहीं बताया है कि 14 महीने से कतर की कैद में मौजूद इन भारतीयों पर आरोप क्या हैं और उन्हें मौत की सजा क्यों सुनाई गई है? कतर की कोर्ट की ओर से सजा के ऐलान के बाद तमाम तरह के सवाल उठने लगे है. सजा पाने वाले सजा पाने वाले सभी भारतीय पूर्व नैसेना अधिकारी हैं. यह सभी 8 भारतीय एक निजी फर्म दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज और कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम कर रहे थे. जो कतर के सैनिकों को ट्रेनिंग ट्रेनिंग दे रहे थे. इसी दौरान उनपर जासूसी का आरोप कतर की सरकार ने गिरफ्तार कर लिया गया था.