menu-icon
India Daily

'अगर 1.25 करोड़ हिंदू खड़े हो गए तो...', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश के हालात पर की सख्त टिप्पणी

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश के हिंदू अपने अधिकारों के लिए खड़े होते हैं तो दुनिया भर के हिंदू उनका समर्थन करेंगे. उन्होंने भारत की ताकत, जनसंख्या बदलाव और संघ की विचारधारा पर भी खुलकर बात की.

babli
Edited By: Babli Rautela
'अगर 1.25 करोड़ हिंदू खड़े हो गए तो...', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश के हालात पर की सख्त टिप्पणी
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं की मौजूदा स्थिति को लेकर एक सख्त और साफ संदेश दिया है. मुंबई में आयोजित RSS की लेक्चर सीरीज के दूसरे दिन बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश में रहने वाले करीब 1.25 करोड़ हिंदू अपने अधिकारों के लिए खड़े होकर लड़ने का फैसला करते हैं, तो दुनिया भर के हिंदू उनके साथ खड़े होंगे.

भागवत ने यह बात वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में RSS शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय व्याख्यानमाला संघ यात्रा के 100 साल नए क्षितिज के दौरान कही. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.

क्यों बढ़ी बांग्लादेश में अशांति?

पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हालात तेजी से बदले हैं. भारत विरोधी कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए. इसके बाद अल्पसंख्यकों पर हमलों में तेजी देखी गई. 5 अगस्त 2024 को हुए छात्र आंदोलन जिसे जुलाई विद्रोह कहा गया, के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए. इस आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा. इसके बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन और हिंसा फैल गई.

इस राजनीतिक और सामाजिक उथल पुथल के बीच हिंसक भीड़ ने बांग्लादेश में हिंदू नागरिकों को खास तौर पर निशाना बनाया. कई जगहों पर हिंदू व्यापारियों, मजदूरों और छात्रों की हत्या की खबरें सामने आईं. ये हमले पहले सड़क विरोध प्रदर्शनों के रूप में शुरू हुए लेकिन बाद में संगठित हिंसा में बदल गए. इससे अल्पसंख्यक समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है.

भारत को अब कमजोर नहीं किया जा सकता

अपने भाषण में मोहन भागवत ने भारत की आंतरिक स्थिति पर भी बात की. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत को अब कमजोर नहीं किया जा सकता. भागवत ने कहा कि जो लोग भारत को तोड़ने की कोशिश करेंगे, वे खुद टूट जाएंगे. उनके इस बयान को देश की एकता और अखंडता को लेकर मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

RSS प्रमुख ने भारत में बदलती जनसंख्या संरचना पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस मुद्दे पर पर्याप्त काम नहीं किया. उनके अनुसार जन्म दर में असंतुलन और अवैध अप्रवासन इसके मुख्य कारण हैं. भागवत ने कहा कि अब सरकार ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें भरोसा है कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.