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शंकराचार्य मंदिर में श्रद्धालुओं ने CRPF जवानों की कलाइयों पर बांधी राखी, हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन

श्रीनगर के ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार धार्मिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.

Shilpa Shrivastava
Nasir Khan
Reported By: Nasir Khan
शंकराचार्य मंदिर में श्रद्धालुओं ने CRPF जवानों की कलाइयों पर बांधी राखी, हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन
Courtesy: India Daily

श्रीनगर: श्रीनगर के ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार धार्मिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर कश्मीर के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.

श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा की, माथे पर तिलक लगाया और अपने परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की. इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में तैनात CRPF जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनकी सेवाओं के प्रति आभार एवं सम्मान व्यक्त किया.

अलग-अलग जिलों से श्रद्धालु पहुंचे शंकराचार्य मंदिर:

रक्षाबंधन मनाने के लिए कश्मीर के अलग-अलग जिलों से श्रद्धालु शंकराचार्य मंदिर पहुंचे थे. इनमें नेपाल से आए श्रद्धालु भी शामिल थे, जिन्होंने कश्मीर में रक्षाबंधन मनाया और नेपाल के साथ-साथ भारत तथा पूरे देश के लिए सुख, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की.

कश्मीर में अब विभिन्न त्योहारों को पहले की तुलना में अधिक उत्साह और खुशी के साथ मनाया जा रहा है. अलग-अलग समुदायों के लोग त्योहारों में भाग लेते नजर आ रहे हैं, जिससे घाटी में आपसी भाईचारे, सद्भाव और शांति का संदेश भी मजबूत हो रहा है.

सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम:

रक्षाबंधन के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे. मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जबकि श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए.

श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लंगर लगाए गए थे, जहां उन्हें भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया गया. इसके अलावा गर्मी और बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर पानी के बूथ भी स्थापित किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को पीने के पानी की परेशानी न हो.

 श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के मंदिर में पूजा-अर्चना की:

प्रशासन की ओर से किए गए इन इंतजामों के चलते श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के मंदिर में पूजा-अर्चना की और रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. पूरे दिन शंकराचार्य मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही.

शंकराचार्य मंदिर में मनाए गए रक्षाबंधन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ भाईचारे और सद्भाव की भावना को भी सामने रखा. CRPF जवानों की कलाइयों पर राखी बांधने से लेकर नेपाल से आए श्रद्धालुओं की प्रार्थनाओं तक, इस दौरान कश्मीर, नेपाल और पूरे देश में सुख, शांति और खुशहाली की कामना की गई.