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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का बड़ा अभियान, 13 गिरफ्तार और हथियार बरामद  

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंक नेटवर्क और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने शोपियां, पुलवामा, बारामूला के सोपोर और कुलगाम जिलों में अलग-अलग ऑपरेशन चलाए.

Shilpa Shrivastava
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का बड़ा अभियान, 13 गिरफ्तार और हथियार बरामद  
Courtesy: AI Generated

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंक नेटवर्क और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने शोपियां, पुलवामा, बारामूला के सोपोर और कुलगाम जिलों में अलग-अलग ऑपरेशन चलाए. इन कार्रवाइयों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें 5 हाइब्रिड आतंकी, ओवरग्राउंड वर्कर्स और आतंक सहयोगी शामिल हैं. साथ ही भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, हैंड ग्रेनेड और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए.

सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों, संभावित साजिशों और हाइब्रिड आतंकियों की हलचल की जानकारी मिली थी. इसके बाद घाटी में निगरानी बढ़ा दी गई. नियंत्रण रेखा से लेकर शहरों, कस्बों और हाईवे तक अतिरिक्त बल तैनात किए गए. अचानक चेकिंग और मोबाइल चेकपोस्ट लगाए गए. पिछले करीब 90 घंटों में कई सफल कार्रवाइयां हुईं.

हाइब्रिड आतंकी कौन होते हैं?

हाइब्रिड आतंकी वे लोग होते हैं जिनका पहले सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में नाम नहीं होता. ये सामान्य छात्र, कर्मचारी या मजदूर की तरह दिखते हैं लेकिन गुप्त रूप से रेडिकलाइज होकर हमले के लिए तैयार किए जाते हैं. इन्हें खास काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पकड़ना मुश्किल होता है. सुरक्षा अधिकारी के अनुसार इनकी भर्ती अक्सर ऑनलाइन होती है और इन्हें सीमित ट्रेनिंग देकर खास टास्क के लिए तैयार रखा जाता है.

कुलगाम में 5 हाइब्रिड आतंकी गिरफ्तार:

कुलगाम पुलिस, 9 राष्ट्रीय राइफल्स और 18 बटालियन सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने 5 कथित हाइब्रिड आतंकियों को गिरफ्तार किया. इनके नाम हैं- फरहान अहमद वानी (22), सोहैब अहमद पाला (20), सलमान अब्बास लोन (20), निदाश अहमद रेशी (22) और फैजल अकबर (30). इनके पास से 4 पिस्तौल, 4 मैगजीन, 22 राउंड गोला-बारूद और 2 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए. इनका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, इसलिए यह गिरफ्तारी खुफिया दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

शोपियां में 3 आतंक सहयोगी पकड़े गए:

शोपियां पुलिस ने एक मोटरसाइकिल पर सवार 3 लोगों को रोका. ये जुनाइद मुजफ्फर दार, आमिर युसूफ और जुनाइद बशीर दार हैं, जो कुलगाम के रहने वाले हैं. इनके पास से 2 हैंड ग्रेनेड और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आपत्तिजनक पोस्टर मिले.  

एक अन्य चेकिंग में शोपियां पुलिस, 34 राष्ट्रीय राइफल्स और 178 बटालियन सीआरपीएफ ने अनंतनाग के 3 और संदिग्धों- हारिस मंजूर, आशिक हुसैन और आरिफ अहमद कुमार को गिरफ्तार किया. इनके पास से 1 हैंड ग्रेनेड, 2 एके-47 मैगजीन, 20 राउंड गोला-बारूद, पोस्टर और मोबाइल फोन बरामद हुए.

पुलवामा के जंगल में 2 संदिग्ध गिरफ्तार:

पुलवामा पुलिस, 44 राष्ट्रीय राइफल्स और 183 बटालियन सीआरपीएफ ने जंगली इलाके में कॉर्डन-एंड-सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान संदिग्ध हालत में जंगल से निकल रहे 2 लोगों लतीफ अहमद दीदार और एजाज अहमद बजाड को रोका गया. इनके पास से 1 पिस्तौल, 12 राउंड गोला-बारूद और 1 हैंड ग्रेनेड मिला.

सोपोर में बड़ा हथियार जखीरा बरामद:

उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर इलाके में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया. यहां एके सीरीज राइफल, 3 मैगजीन, 4 हैंड ग्रेनेड, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य युद्ध सामग्री बरामद हुई. सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि इससे घाटी में सक्रिय नेटवर्क की योजनाओं को झटका लगा है.

पूरे अभियान में 1 एके राइफल, 2 एके मैगजीन, 10 हैंड ग्रेनेड, 100 से ज्यादा राउंड गोला-बारूद, 1 आईईडी के साथ आपत्तिजनक दस्तावेज और पोस्टर बरामद हुए. सभी मामलों में जांच जारी है. गिरफ्तार लोगों के हैंडलर और सपोर्ट नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आतंक के ठिकानों को नष्ट करने, हथियार जखीरे बरामद करने, हाइब्रिड मॉड्यूल को निष्क्रिय करने और स्थानीय सहयोग व्यवस्था को तोड़ने की सतत रणनीति का हिस्सा है. नियंत्रण रेखा से लेकर शहरों और हाईवे तक निगरानी जारी है. लक्ष्य है कि किसी भी संभावित खतरे को हमले में बदलने से पहले ही रोक दिया जाए.